स्कूल में बार बालाओं ने लगाए ठूमके, पहचान छुपाने के लिए बोर्ड पर चिपकाया अखबार, रसूखदार अध्यक्ष ने बेटी की शादी में उड़ाईं मर्यादा की धज्जियाँ
वैशाली के हाजीपुर में स्कूल बना डांस बार! शिक्षा समिति अध्यक्ष ने बेटी की शादी में नचवायीं नर्तकियाँ। गेट तोड़कर किया परिसर का दुरुपयोग, DEO ने कहा- मामले की करेंगे जांच।
Vaishali -: वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुरलिया चक में शिक्षा की मर्यादा तार-तार हो गई। स्कूल की शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने अपनी बेटी की शादी के लिए स्कूल परिसर का उपयोग किया, जहाँ पूरी रात नर्तकियों ने अश्लील गानों पर डांस किया। इस घटना ने शिक्षा विभाग की सुरक्षा और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्कूल बना रंगमंच, बारातियों के लिए सजी महफ़िल
हाजीपुर के मुरलिया चक स्कूल में आयोजित यह आपत्तिजनक कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, स्कूल शिक्षा समिति के अध्यक्ष मलाई सिंह की बेटी की शादी थी। बारातियों के मनोरंजन के लिए स्कूल को ही डांस फ्लोर में तब्दील कर दिया गया। वायरल वीडियो में दर्जन भर नर्तकियाँ अश्लील गानों पर डांस करती नजर आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
गेट तोड़कर घुसाए वाहन, स्लोगन पर चिपकाया कागज
स्कूल के सहायक शिक्षक संजय सिंह ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष मलाई सिंह ने स्कूल का मुख्य गेट तोड़ दिया और परिसर में स्टेज प्रोग्राम का आयोजन करवाया। हैरानी की बात यह है कि स्कूल की दीवारों पर लिखे शिक्षाप्रद स्लोगन और स्कूल के नाम को कागज से ढंक दिया गया था ताकि स्कूल की पहचान छिपाई जा सके।
शिक्षक और प्रिंसिपल की 'रहस्यमयी' चुप्पी
इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। सहायक शिक्षक संजय सिंह के बयानों को छोड़ दें, तो अन्य स्टाफ ने इस मुद्दे पर मौन साध रखा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षा समिति के अध्यक्ष के रसूख के आगे स्कूल प्रशासन नतमस्तक हो गया और स्कूल को निजी समारोह के लिए सौंप दिया।
पुलिस को 'आवेदन' का इंतज़ार, विभाग अनजान
सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली है, लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस आवेदन मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की बात कह रही है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने भी इस पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि वे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था और नैतिकता पर उठे सवाल
सरकारी स्कूलों का उपयोग निजी आयोजनों और विशेषकर अश्लील कार्यक्रमों के लिए होना बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा दाग है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि जहाँ बच्चों को संस्कार मिलने चाहिए, वहाँ इस तरह के आयोजनों से उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। लोग अब शिक्षा विभाग से अध्यक्ष और जिम्मेदार शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या होगी अध्यक्ष पर कार्रवाई?
शिक्षा समिति का अध्यक्ष, जिसकी जिम्मेदारी स्कूल के सुधार की होती है, उसी ने स्कूल की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। अब देखना यह होगा कि वैशाली का जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस 'पावर' के दुरुपयोग पर क्या कड़ा कदम उठाता है। 28 तारीख की समयसीमा और आगामी जांच इस मामले की दिशा तय करेगी।
Report - Rishav kumar