Bihar News : राघोपुर में 13 मासूमों के दशकर्म में जमकर हुआ बवाल, प्रशांत किशोर के सामने आपस में भिड़े BJP और JDU नेता

Bihar News : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में 13 मासूम बच्चों की नाव हादसे में हुई दर्दनाक मौत के गम के बीच रविवार को दशकर्म के दिन अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया।

पीके से सामने आपस में भिड़े JDU और BJP नेता - फोटो : RISHABH

VAISHALI : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में 13 मासूमों की मौत का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि दशकर्म के दिन गांव में हिंसक झड़प हो गई। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में बीजेपी नेता गगन राय और जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। घटना में जेडीयू नेता अजीत यादव घायल हो गए। झड़प के बाद गांव में तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर करीब 10 मिनट तक ही गांव में रुके और फिर वहां से निकल गए। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भी राघोपुर पहुंचने की चर्चा थी, लेकिन उनका दौरा रद्द हो गया। दरअसल, राघोपुर में नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत के बाद रविवार को उनके दशकर्म के मौके पर शोक जताने और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए प्रशांत किशोर पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी नेता गगन राय और जेडीयू नेता अजीत यादव के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। वहीं, प्रशांत किशोर कुछ ही देर में वहां से रवाना हो गए। घटना को लेकर घायल जेडीयू नेता अजीत यादव ने भी अपनी बात रखी है।

उधर, 13 बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले में प्रशांत किशोर ने एक बार फिर हादसे की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना पहली नजर में महज दुर्घटना नहीं लगती, बल्कि इसमें कहीं न कहीं लापरवाही की आशंका है। हालांकि, दोषी कौन है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर प्रशासन ने जांच शुरू की है, तो यह सही कदम है। उन्होंने प्रशासन से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की बात कही। साथ ही लापरवाही और भ्रष्टाचार की संभावित भूमिका की भी जांच करने की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि हादसे में अगर सरकार या प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही सामने आती है, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच से ज्यादा जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनके मुताबिक, दियारा क्षेत्र में नाव डूबने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य जगहों पर भी नाव हादसों और लोगों के घायल होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन को नावों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

वहीं, जेडीयू नेता अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के सवाल पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। अनंत सिंह पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जेडीयू का आंतरिक मामला है। पार्टी किसे रखती है और किसे निष्कासित करती है, इसका जवाब जेडीयू के नेता ही दे सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि यदि प्रचार पहले से चल रहा था, तो निष्कासन अब क्यों किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले से जन सुराज का कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल, राघोपुर में 13 मासूमों की मौत के बाद शोक के माहौल के बीच हुई इस झड़प ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। पुलिस की तैनाती के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि विवाद में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और नाव हादसे की जांच में लापरवाही के लिए किसकी जवाबदेही तय की जाती है।

ऋषभ की रिपोर्ट