वैशाली के आदर्श अस्पताल संचालक से रंगदारी मांगने का खुलासा: पुलिस ने ओडिशा से लौटे आरोपी को दबोचा

वैशाली के नगर थाना क्षेत्र के आदर्श अस्पताल संचालक से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर लिया है..

वैशाली के आदर्श अस्पताल संचालक से रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिला पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र स्थित 'आदर्श अस्पताल' के संचालक से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने के हाईप्रोफाइल मामले का महज कुछ ही दिनों में सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल उसने अस्पताल संचालक को धमकी देने के लिए किया था।


उड़ीसा भाग गया था आरोपी, हाजीपुर लौटते ही पुलिस ने दबोचा

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुबोध कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी युवक आदित्य कुमार है। रंगदारी की कॉल करने के बाद जैसे ही पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की, वैसे ही वह कानून के डर से बिहार छोड़कर उड़ीसा भाग गया था। पुलिस लगातार उसकी लोकेशन को ट्रैक कर रही थी। सोमवार को जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि वह वापस हाजीपुर लौटा है, वैसे ही पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया।


पैसे के पुराने लेनदेन के विवाद में की थी व्हाट्सएप कॉल

सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि आरोपी आदित्य कुमार ने पुलिसिया पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि कुछ साल पहले वह खुद इसी आदर्श अस्पताल में एक कर्मी के रूप में काम करता था। इस दौरान पैसे के भुगतान और लेनदेन को लेकर उसका अस्पताल संचालक के साथ कुछ गंभीर विवाद हो गया था। इसी खुन्नस और पैसे की वसूली के चक्कर में उसने संचालक को व्हाट्सएप कॉल (WhatsApp Call) कर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।


पूर्व का कोई आपराधिक इतिहास नहीं, असली वजह की हो रही जांच

एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आदित्य कुमार का फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड में कोई पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History) सामने नहीं आया है। वह पहली बार ही किसी आपराधिक मामले में संलिप्त पाया गया है। हालांकि, पुलिस उसे न्यायिक हिरासत में भेजने से पहले गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि रंगदारी मांगने के पीछे केवल पुराना सैलरी विवाद था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश या अन्य गिरोह का हाथ था।


वैशाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना

चिकित्सकों और अस्पताल संचालकों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में वैशाली पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय व्यवसायियों व चिकित्सा जगत ने सराहना की है। सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बाइट (बयान) देते हुए साफ तौर पर कहा कि जिले में किसी भी डॉक्टर, व्यापारी या आम नागरिक से रंगदारी या डराने-धमकाने वाले अपराधियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस अपराधियों के खिलाफ ऐसे ही सख्त कदम उठाती रहेगी।


रिषभ की रिपोर्ट