हाजीपुर में गंगा का कहर : चेचर मंदिर के पास भीषण कटाव, 5 नावें दबीं और कई मकान नदी में समाए
वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड स्थित चेचर मंदिर के पास गंगा नदी के तेज बहाव के कारण भीषण कटाव की खबर सामने आई है। अचानक हुए इस कटाव से इलाके में हड़कंप मच गया है....
Vaishali : हाजीपुर के बिदुपुर प्रखंड स्थित चेचर मंदिर के पास गंगा नदी के तेज बहाव के कारण भीषण कटाव की खबर सामने आई है। अचानक हुए इस कटाव से इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में गहरे डर व चिंता का माहौल बन गया है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई और अधिकारियों की टीम तुरंत स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंची।
गंगा के तेज बहाव से भारी तबाही, 5 नावें मिट्टी में दबीं
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीते दो दिनों में गंगा के विकराल रूप और तेज धारा के कारण चेचर मंदिर घाट और आसपास के इलाकों में मिट्टी का बड़ा हिस्सा नदी में बह गया। इस दौरान घाट के किनारे बंधी कम से कम पांच नावें मिट्टी के मलबे में दब गईं।
नदी में समाए कई पेड़ और मकान, जनजीवन प्रभावित
कटाव की विभीषिका इतनी भयानक थी कि किनारे स्थित कई बड़े पेड़ और लोगों के आशियाने (मकान) देखते ही देखते गंगा नदी के आगोश में समा गए। अचानक हुए इस भू-धंसाव से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के सामने जीवन और संपत्ति का संकट खड़ा हो गया है।
अधिकारियों ने लिया जायजा, जल संसाधन विभाग मुस्तैद
घटना की जानकारी मिलते ही बिदुपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम ने प्रभावित स्थल पर पहुंचकर स्थिति का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फिलहाल कटाव की रफ्तार में कमी आने की पुष्टि की है, लेकिन खतरे को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
दोबारा कटाव होने पर तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू करने का आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि गंगा नदी के बदलते रुख पर पैनी नजर रखी जा रही है। यदि कटाव की रफ्तार फिर से बढ़ती है, तो त्वरित कटाव-निरोधी (Anti-Erosion) कार्य शुरू कराए जाएंगे ताकि आसपास के रिहायशी इलाकों और मंदिर परिसर को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
रिषभ की रिपोर्ट