हाजीपुर के ऐतिहासिक कोनहारा घाट पर भव्य दीपोत्सव: 5 लाख दीपों की रोशनी से जगमग हुआ मोक्ष धाम और नारायणी तट, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

धनतेरश के मौके पर हाजीपुर के ऐतिहासिक कोनहारा घाट पर भव्य दोपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मोक्ष धाम और नारायणी तट पर 5 लाख दिए जलाए गए, जिसकी रोशनी से दोनो घाटों की छटा देखते ही बन रही थी...

5 लाख दीपों की रोशनी से जगमग हुआ मोक्ष धाम और नारायणी तट- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : धनतेरस के पावन अवसर पर हाजीपुर का ऐतिहासिक कोनहारा घाट लाखों दीयों की रोशनी से पूरी तरह जगमग हो उठा। दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत यहाँ लगभग 5 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जिसमें स्थानीय विधायक से लेकर आम शहरवासियों ने भी शांति, सद्भाव और आस्था का एक दीप जलाकर इस भव्य आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई।


विधायक अवधेश सिंह और शहरवासियों ने दीप जलाकर की कार्यक्रम की शुरुआत

इस दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर की। उनके साथ कार्यक्रम में मौजूद शहर के गणमान्य लोगों और आम नागरिकों ने नारायणी तट पर उन्नति और सद्भाव का दीया जलाया। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा किए गए शंखनाद और 'जय श्री राम' के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।


भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजीव ब्रह्मर्षि ने बताई कोनहारा घाट की पौराणिक महत्ता

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष राजीव ब्रह्मर्षि ने इस अवसर पर जानकारी दी कि हाजीपुर देवभूमि है, जिसका उल्लेख रामायण और पुराणों दोनों में मिलता है। इसी धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए पवित्र नारायणी नदी के तट पर 5 लाख 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए हैं, ताकि देश में उन्नति, शांति और ऊर्जा का संचार हो तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर सशक्त बने।


भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से सफल हुआ आयोजन

इस भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन भाजयुमो के बैनर तले किया गया। इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और दीपोत्सव के जरिए समाज में सकारात्मकता का संदेश दिया।


मोक्ष धाम और नारायणी तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

दिए की रोशनी से सजे मोक्ष धाम और कोनहारा घाट की छटा देखते ही बन रही थी। धनतेरस के पावन पर्व पर इस अद्भुत नजारे को देखने और दीपोत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचे थे। इस भव्य आयोजन ने हाजीपुर की सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को और अधिक प्रगाढ़ करते हुए दीपावली की रौनक में चार चांद लगा दिए हैं।


रिषभ की रिपोर्ट