Bihar News: कुछ सेकंड की दूरी पर थी मौत! मौत को गले लगाने पहुंची युवती, जवानों की सूझबूझ से बची एक जिंदगी

Bihar News: जिंदगी से हार मानकर गंडक नदी में छलांग लगाने पहुंची एक युवती के लिए होमगार्ड के दो जवान देवदूत बनकर सामने आए। ...

जवानों की सूझबूझ से बची एक जिंदगी- फोटो : reporter

Bihar News: जिंदगी से हार मानकर गंडक नदी में छलांग लगाने पहुंची एक युवती के लिए होमगार्ड के दो जवान देवदूत बनकर सामने आए। अगर कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन जवानों की सतर्कता, साहस और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।

घटना हाजीपुर और पटना को जोड़ने वाले पुराने गंडक पुल की है, जहां एक युवती नदी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने के इरादे से पुल की रेलिंग के पास खड़ी थी। आसपास मौजूद लोगों ने उसकी गतिविधियां देखीं और तत्काल सूचना दी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के दो जवान मौके पर पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार युवती की पहचान खुशबू के रूप में हुई है, जो सोनपुर के परमानंदपुर की रहने वाली है। वह अपने पति के साथ हाजीपुर में किराए के मकान में रहती है। बताया जा रहा है कि खुशबू ने प्रेम विवाह किया था और पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद से आहत होकर वह आत्महत्या करने के उद्देश्य से पुराने गंडक पुल पर पहुंच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती नदी में छलांग लगाने ही वाली थी कि होमगार्ड जवानों ने तेजी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और सुरक्षित स्थान पर ले आए। इसके बाद उसे चेक पोस्ट पर बैठाकर समझाने का प्रयास किया गया। घटना की सूचना मिलने पर उसका पति भी घबराया हुआ वहां पहुंच गया।

काफी देर तक चली बातचीत, समझाइश और पारिवारिक स्तर पर हुए प्रयासों के बाद युवती शांत हुई। अंततः उसने आत्मघाती कदम उठाने का विचार छोड़ दिया और अपने पति के साथ घर लौट गई।

हालांकि पति-पत्नी के बीच विवाद की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में सतर्क नागरिकों और सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया किसी की भी जान बचा सकती है। होमगार्ड जवानों की तत्परता और मानवता की बदौलत एक युवती की जिंदगी बच गई और एक संभावित त्रासदी टल गई।यह घटना यह भी संदेश देती है कि पारिवारिक या व्यक्तिगत तनाव चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसका समाधान संवाद और सहयोग से निकाला जा सकता है। जीवन किसी भी समस्या से कहीं अधिक मूल्यवान है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार