नाव हादसा मामले में डीएम की बड़ी कार्रवाई : स्थानीय थानेदार और अंचलाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, वेतन पर लगाई रोक

वैशाली के राघोपुर नाव हादसा मामले में जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने मामले पर स्थानीय थानेदार और सीओ से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए उनके वेतन पर तत्काल रोक लगा दी है.....

नाव हादसा मामले में डीएम की बड़ी कार्रवाई- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले के राघोपुर दियारा के रामपुर गांव में हुए दर्दनाक नाव हादसे को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी (डीएम) वर्षा सिंह ने इस पूरी दुर्घटना की विस्तृत जानकारी और अब तक की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों से अवगत कराया है। इस हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।


लापरवाही पर प्रशासनिक गाज: थानेदार और सीओ से स्पष्टीकरण, वेतन स्थगित

घटना के बाद से ही प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम वर्षा सिंह ने स्थानीय थानेदार और अंचलाधिकारी (CO) से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही, मामले में अगली कार्रवाई और संलिप्तता की जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।


नाव के परिचालन और निजी-सरकारी बहस पर डीएम का बयान

ग्रामीणों का आरोप था कि यह नाव आपदा के समय प्रशासन द्वारा संचालित की जा रही थी। हालांकि, इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डीएम ने कहा कि शुरुआती जांच के मुताबिक वह एक निजी नाव थी और रात के अंधेरे में उसका परिचालन किया जा रहा था, जो कि नियमों के विरुद्ध है। प्रशासन इस बिंदु पर भी गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर इस तरह की अनधिकृत आवाजाही क्यों हो रही थी और क्या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।


पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा और सहायता

डीएम ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार सभी मृतक के आश्रितों को फौरी राहत के तौर पर चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा, अंतिम संस्कार के लिए तत्काल सहायता राशि और केंद्र सरकार की ओर से भी आर्थिक मदद मुहैया कराने की बात कही गई है। 


प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है।


रिषभ की रिपोर्ट