Bihar News : शहीद PSI प्रभात रंजन को मिला न्याय, मुख्य दोषियों को उम्रकैद, जमुई पुलिस की त्वरित जांच से कोर्ट ने सुनाया फैसला

Bihar News : कर्तव्य पथ पर शहीद हुए सब-इंस्पेक्टर (PSI) प्रभात रंजन हत्याकांड में जमुई की स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है।

शहीद को न्याय - फोटो : SUMIT

JAMUI : कर्तव्य पथ पर शहीद हुए सब-इंस्पेक्टर प्रभात रंजन हत्याकांड में जमुई की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले को जमुई पुलिस की बड़ी जीत माना जा रहा है।

क्या था मामला

आपको बता दें की 14 नवंबर 2023 को बालू माफिया ने अवैध खनन रोकने गए गरही थाना के तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष PSI प्रभात रंजन को ट्रैक्टर से कुचलकर शहीद कर दिया था। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

तेज कार्रर्वाई

जमुई पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज़ "77 दिनों" में (30 जनवरी 2024) को ही सभी 6 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने 11 स्वतंत्र गवाहों, FSL रिपोर्ट, मोबाइल CDR और CCTV फुटेज जैसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए आरोपियों का जुर्म अदालत में साबित किया। अपर लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह की सशक्त पैरवी भी केस में निर्णायक रही।

कोर्ट का फैसला

ढाई साल चली सुनवाई के बाद 22 मई 2026 को अदालत ने मुख्य तीन दोषियों कृष्णा रविदास, मिथिलेश ठाकुर एवं पवन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही अन्य दो दोषियों को भी 2 साल की कठोर सजा मिली है।

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का बयान

तत्कालीन एसपी डॉक्टर शौर्य सुमन ने कहा, "यह फैसला शहीद प्रभात रंजन के परिवार और पूरे पुलिस बल के लिए न्याय है। वैज्ञानिक जांच और समयबद्ध अभियोजन से हमने साबित किया कि कानून के रखवालों पर हमला करने वाले बच नहीं सकते।" PSI प्रभात रंजन की शहादत को पूरा बिहार सलाम कर रहा है। इस फैसले से पुलिस का मनोबल बढ़ा है और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हुआ है।