राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मिले प्रशांत किशोर, प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 25-25 लाख मुआवजे की उठाई मांग
जनसुराज के सूत्रधार व बांकीपुर विधान सभा क्षेत्र से विधायक प्रशांत किशोर ने राघोपुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख मुआवजे की मांग उठाई है। मंगलवार को पीके राघोपुर पहुंच पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका ढाढस बधाया....
Vaishali : जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत रामपुर श्यामचंद पंचायत में बीते 13 अक्टूबर को हुए दर्दनाक नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलने मंगलवार को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पहुंचे। इस भीषण हादसे में 13 लोगों की अकाल मौत से बुरी तरह प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की और उनका दुख-दर्द साझा करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आपदा या दुर्घटना के वक्त घायलों को समय पर उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलना अनिवार्य है। यदि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त होती और घायलों का समय पर समुचित इलाज हो पाता, तो कई बहुमूल्य जानें बचाई जा सकती थीं। उन्होंने मांग की कि इस पूरी घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय समीक्षा होनी चाहिए।
25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग
प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार के समक्ष कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की कि नाव हादसे में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य राज्यों में भी ऐसी आपदाओं के दौरान पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, इसलिए बिहार सरकार को भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित मुआवजा राशि देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के दुख की भरपाई तो संभव नहीं है, लेकिन इस कठिन घड़ी में सरकार का फर्ज है कि वह पीड़ित परिवारों को मजबूत आर्थिक संबल प्रदान करे।
घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हादसे के कारणों पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, नाव की स्थिति कैसी थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इन तमाम पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया कि वे न्याय की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मृतक बच्चों के दसकर्म के दिन वे दोबारा राघोपुर आकर पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
रिषभ की रिपोर्ट