Raghopur Boat Accident: भैया हो, बहुत पानी बढ़ हई हो… राघोपुर नाव हादसे का खौफनाक VIDEO, 26 सेकेंड बाद हमेशा के लिए खामोश हो गईं 13 मासूमों की किलकारियां

Raghopur Boat Accident: “भैया हो, बहुत पानी बढ़ हई हो…”। नाव पर सवार बच्चियों की यह आवाज अब कलेजा चीर रही है। ...

राघोपुर नाव हादसे का खौफनाक VIDEO- फोटो : reporter

Raghopur Boat Accident: “भैया हो, बहुत पानी बढ़ हई हो…”। नाव पर सवार बच्चियों की यह आवाज अब कलेजा चीर रही है। कुछ सेकेंड पहले तक हंसी-मजाक कर रहे मासूमों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस नाव पर बैठकर वे भोज खाने जा रहे हैं, वही उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे से पहले का 26 सेकेंड का वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर पूरे इलाके में मातम का माहौल है। वीडियो में बच्चों की खिलखिलाहट, पानी भरने की चिंता और नाव पर मौजूद लोगों की बातचीत सुनाई देती है। इस हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई थी।

26 सेकेंड के VIDEO में कैद मासूमों की आखिरी बातचीत

सामने आए वीडियो में नाव पर बैठे बच्चे आपस में हंसी-मजाक करते नजर आते हैं। इसी दौरान बच्चियों की आवाज सुनाई देती है, जो नाव में पानी भरने की बात कह रही हैं। बातचीत में आवाज आती है, “भैया पानी भर रहलई हई हो… देखि ही न, बाहि से खेव रहलथिन ह।” इसके जवाब में एक बुजुर्ग की आवाज सुनाई देती है, “पानी भर रहलै ह… आउर ई पट्टी रहिहें रे।”

वीडियो के इन चंद सेकेंड में बच्चों की बेफिक्र हंसी और नाव में पानी भरने की चिंता साथ-साथ सुनाई देती है। आज यही आवाजें उस भयावह हादसे की याद दिला रही हैं, जिसने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। हालांकि, वीडियो से अकेले यह स्पष्ट नहीं होता कि नाव में पानी किस वजह से भर रहा था या हादसे की पूरी परिस्थितियां क्या थीं।

भोज खाने जा रहे थे बच्चे, रास्ते में मौत बनकर आई नाव

यह दर्दनाक हादसा 13 अक्टूबर की शाम बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर श्यामचंद गांव में हुआ था। जानकारी के मुताबिक, गांव के ढाब के पार सिंगेश्वर राय के यहां भोज का आयोजन था। भोज खाने के लिए करीब 20 से 25 बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर जा रहे थे।

बताया गया कि नाव खुलने के कुछ दूर बाद ही डगमगाने लगी। इसके बाद नाव पानी में डूब गई और उस पर सवार बच्चे गहरे पानी में समा गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग बच्चों को बचाने के लिए पानी में उतरे और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। बचाए गए बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 13 बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया।

13 मासूमों की मौत से उजड़ गए कई परिवार

इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान निशु कुमारी (14), अंकिता कुमारी (14), अक्की कुमारी (10), अमृता कुमारी (7), नमन कुमार (8), अलीशा कुमारी (18), सिकी कुमारी (16), पीयूष कुमार (10), सोनम कुमारी (12), आर्यन कुमार (12), बंटी कुमार (8), सोनी कुमारी (17) और पिंकी कुमारी (15) के रूप में बताई गई है।

जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा है। जिन बच्चों को परिवार के लोग हंसते-मुस्कुराते भोज खाने के लिए भेज रहे थे, उनके वापस नहीं लौटने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पानी भरने की आवाज के बाद भी नहीं बच सकीं जानें, सुरक्षा पर सवाल

हादसे से पहले का 26 सेकेंड का वीडियो अब नाव की सुरक्षा और बच्चों की जान जोखिम में डालकर नदी पार कराने की परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि नाव में पानी भर रहा था और वह डगमगा रही थी, तो क्या उस पर सवार लोगों को खतरे का अंदाजा हो गया था? नाव में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं? बच्चों की संख्या के हिसाब से नाव कितनी सुरक्षित थी?

ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आ सकता है। वीडियो हादसे से पहले के कुछ पलों को जरूर दर्ज करता है, लेकिन दुर्घटना की पूरी वजह साबित करने के लिए अपने आप में पर्याप्त नहीं है। राघोपुर की इस त्रासदी ने एक बार फिर याद दिलाया है कि नदी और ढाब पार करने के दौरान नाव की सुरक्षा, यात्रियों की संख्या और जरूरी बचाव उपकरणों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। 26 सेकेंड की वह रिकॉर्डिंग अब सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि उन 13 मासूमों की याद बन गई है, जिनकी हंसी अचानक हमेशा के लिए खामोश हो गई।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार