मैट्रिक में असफलता के बाद छात्रा का आत्मघाती कदम, परिवार की सूझबूझ से बची जान, सिस्टम पर उठे सवाल

Bihar News: सूबे में शिक्षा और सियासत के दावों के बीच एक दर्दनाक वाकया सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

मैट्रिक में असफलता के बाद छात्रा का आत्मघाती कदम- फोटो : reporter

Bihar News: सूबे में शिक्षा और सियासत के दावों के बीच एक दर्दनाक वाकया सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। वैशाली के सदर थाना क्षेत्र के आस्तीपुर गांव में मैट्रिक परीक्षा में असफल होने के बाद एक 15 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मामला उस वक्त सामने आया जब छात्रा की बहन ने उसे फंदे से लटका देखा और शोर मचा दिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन और आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे नीचे उतारा। हालात नाजुक देख तुरंत डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम फौरन हरकत में आई।

डायल 112 के पुलिसकर्मी विजय कुमार राघव के मुताबिक, शाम करीब 6:30 बजे कॉल मिली थी कि मैट्रिक में फेल होने के सदमे में एक लड़की ने आत्महत्या की कोशिश की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्रा को हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

घायल छात्रा की पहचान करिश्मा कुमारी (15 वर्ष) के रूप में हुई है। फिलहाल वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के दबाव पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

सियासी नजरिए से देखें तो यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर सवाल है, जहां एक नाकामी बच्चों को इतना तोड़ देती है कि वे जिंदगी से हार मान लेते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भी चिंता गहराती जा रही है कि आखिर बच्चों पर इतना मानसिक दबाव क्यों?

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार