UPSC में वैशाली के उज्जवल का जलवा: देश भर में हासिल की 10वीं रैंक, DM वर्षा सिंह ने कार्यालय बुलाकर किया सम्मानित

वैशाली के बिदूपुर निवासी उज्जवल प्रियांक ने UPSC परीक्षा में देश भर में 10वां स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। उज्जवल ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और ईश्वर को दिया है।

Vaishali - : बिहार की मेधा ने एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी धाक जमाई है। वैशाली जिले के बिदूपुर निवासी उज्जवल प्रियांक ने यूपीएससी की प्रतिष्ठित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 10वां स्थान (AIR 10) प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। इस गौरवशाली उपलब्धि पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने उज्जवल को अपने कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

किसान और अभियंता पिता के इकलौते पुत्र हैं उज्जवल

बिदूपुर पंचायत के वार्ड संख्या 03 (बिदूपुर दिलावरपुर पूर्वी) निवासी उज्जवल प्रियांक एक मेधावी पृष्ठभूमि से आते हैं। वह अभियंता संजीव कुमार के इकलौते पुत्र और स्वर्गीय राम नरेश सिंह के पौत्र हैं। उनके पिता संजीव कुमार पेशे से इंजीनियर होने के साथ-साथ एक प्रगतिशील किसान भी हैं, जिन्होंने बड़े पैमाने पर आम के बगीचे लगाए हुए हैं। उज्जवल की इस सफलता से उनके परिवार, गांव और पूरे प्रखंड में हर्ष का माहौल है।

शिक्षा और शैक्षणिक सफर: 10 CGPA से 96% तक का सफर


उज्जवल की सफलता के पीछे उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और शैक्षणिक निरंतरता रही है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई ज्ञान निकेतन, पटना से पूरी की और वर्ष 2016 में दसवीं की परीक्षा में शानदार 10 CGPA अंक प्राप्त किए। इसके बाद वर्ष 2018 में सेंट माइकल, पटना से इंटरमीडिएट (ISC) की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक (B.Tech) की डिग्री प्राप्त की और यूपीएससी में यह ऐतिहासिक सफलता उन्हें अपने तीसरे प्रयास में मिली है।

"10वीं रैंक की उम्मीद नहीं थी" - उज्जवल प्रियांक


अपनी सफलता पर विनम्रता व्यक्त करते हुए उज्जवल ने कहा कि उन्हें इस परिणाम पर सहसा विश्वास नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया, "मुझे 10वां स्थान मिलने की उम्मीद नहीं थी। जब मुझे लोगों से बधाइयां मिलने लगीं और जिलाधिकारी ने मुझे सम्मानित करने के लिए बुलाया, तब मुझे अपनी सफलता की गहराई का एहसास हुआ"। उज्जवल ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपनी मां और अपने आराध्य द्वारकाधीश व राधा रानी के आशीर्वाद को दिया है।

जिले और राज्य के लिए गौरव का क्षण

उज्जवल प्रियांक की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे वैशाली जिले और बिहार राज्य का नाम रोशन किया है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने उनकी मेधा की सराहना करते हुए कहा कि उज्जवल जैसे युवा जिले के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सम्मान समारोह के दौरान उज्जवल के पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने इस पल को अपने जीवन का सबसे सुखद अनुभव बताया।

Report - Rishav kumar