Bihar News : वैशाली के राघोपुर में शराबबंदी की पोल खोलता वीडियो वायरल, खुलेआम शराब पीते दिखे लोग

Bihar News : वैशाली जिले में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग खुलेआम बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं।

शराब पीने का वीडियो वायरल - फोटो : RISHABH

VAISHALI : बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो शराबबंदी की पोल खोलता हुआ दिख रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो राघोपुर थाना क्षेत्र के सैदाबाद पंचायत का है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति बोतल से देसी शराब निकालकर गिलास में डाल रहा है और पीने वालों को दे रहा है। वीडियो में कुछ लोग गिलास में शराब लेकर पीते हुए नजर आ रहे हैं। बगल में नमकीन का पैकेट भी रखा हुआ है। जिस तरह से लोग बेफिक्र होकर बैठकर शराब पी रहे हैं, उससे ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें पुलिस या कानून का कोई डर ही नहीं है।

वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर शराबबंदी वाले बिहार में कैसे खुलेआम बैठकर शराब बेची जा रही है और लोग बैठकर पी रहे हैं? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानकर भी अनजान बनी हुई है? स्थानीय लोगों के मुताबिक, सैदाबाद पंचायत में यह कोई नया खेल नहीं है। पिछले कई वर्षों से यहां के कुछ लोग शराब बेचने का काम कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह काम स्थानीय थाना की मिलीभगत से चल रहा है। दबी जुबान में स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में भी स्थानीय थाना और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत की गई थी, लेकिन शराब तस्करों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई न होने के कारण ही शराब तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे खुलेआम शराब बेचने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि शराब तस्करी से तस्करों ने काफी पैसा कमा लिया है, जिसके कारण इलाके में कोई भी उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता है। जो बोलता है, उसे डराया-धमकाया जाता है। सबसे बड़ा सवाल थानाध्यक्ष की भूमिका पर उठ रहा है। आखिर थाना क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर शराब का कारोबार कैसे चल रहा है? क्या थाना को इसकी भनक तक नहीं है? या फिर सब कुछ जानकर भी चुप्पी साधी हुई है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्थानीय थाना की मिलीभगत के इतने वर्षों तक खुलेआम शराब बेचना संभव ही नहीं है।

लोगों का कहना है कि पुलिस कभी-कभी छोटे-मोटे लोगों को पकड़कर खानापूर्ति कर देती है, लेकिन बड़े तस्करों पर हाथ नहीं डालती। इसी कारण शराबबंदी कानून का मजाक बनकर रह गया है। अब इस वायरल वीडियो के बाद वैशाली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लोगों को उम्मीद है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे। लोगों की मांग है कि वीडियो की सत्यता की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और अगर थाना स्तर पर कोई लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए। फिलहाल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वीडियो ने शराबबंदी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऋषभ की रिपोर्ट