Bihar News:भुखमरी की कगार पर मजदूर, बीज निगम में 5 महीने से वेतन बकाया, फूटा गुस्सा

Bihar News:बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के कार्यालय में काम करने वाले चार दर्जन से अधिक महिला और पुरुष मजदूरों को पिछले पांच महीनों से मजदूरी नहीं मिली है, जिससे उनके घरों में चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है।...

मजदुर का वेतन बकाया - फोटो : RISHABH

Hajipur: इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां मेहनतकश मजदूरों की ज़िंदगी मजबूरी और मुफलिसी के दरम्यान झूल रही है। बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के हाजीपुर स्थित कार्यालय में काम करने वाले चार दर्जन से अधिक महिला और पुरुष मजदूरों को पिछले पांच महीनों से मजदूरी नहीं मिली है, जिससे उनके घरों में चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है।

आलम यह है कि मजदूरों के परिवार दाने-दाने को मोहताज हो चुके हैं। महिलाओं ने बताया कि बच्चों का पेट भरना अब सबसे बड़ी जंग बन चुका है। रविवार को गुस्साए मजदूरों ने बीज निगम कार्यालय में जमकर हंगामा किया और बकाया भुगतान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

महिला मजदूरों की दर्दभरी दास्तान दिल दहला देने वाली है। दिग्घी, दौलतपुर और हरिहरपुर की रहने वाली गीता देवी ने बताया कि वह झाड़ू-पोंछा कर अपने छोटे-छोटे बच्चों का पालन-पोषण करती हैं। पति के निधन के बाद यही उनकी जिंदगी का सहारा है, लेकिन पांच महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण अब राशन तक उधार मिलना बंद हो गया है। उनका सवाल है अब बच्चों को कैसे पालें? मजदूरों का आरोप है कि कई बार ठेकेदार और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में जब मीडिया ने क्षेत्रीय प्रबंधक शशिदेव सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने जिम्मेदारी ठेकेदार पर डालते हुए मजदूरों के आरोपों को खारिज कर दिया।

इस जवाब ने मजदूरों के गुस्से को और भड़का दिया। उनका कहना है कि जब काम निगम के लिए किया जा रहा है, तो जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना अन्याय है। मजदूरी नहीं मिलने से तंग आकर सभी मजदूरों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।यह मामला सिर्फ बकाया मजदूरी का नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता का आईना बन गया है जहां मेहनत करने वाले हाथ आज अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ‘इंसाफ की पुकार’ पर कब तक चुप्पी साधे रहता है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार