Prahlad Joshi Net Worth: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, जानिए कितनी है उनकी संपत्ति

Prahlad Joshi Net Worth: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। जानिए नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुल संपत्ति कितनी है।

Prahlad Joshi Net Worth:  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और पहले से ही उपभोक्ता मामले मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रह्लाद जोशी और उनके परिवार के पास 21 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। नामांकन के समय उन्होंने अपने नाम पर 2.72 करोड़ रुपये की चल संपत्ति घोषित की थी। उनकी पत्नी ज्योति जोशी के नाम पर 5.93 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज थी, जबकि उनकी आश्रित बेटी अनन्या जोशी के नाम पर 32.03 लाख रुपये की चल संपत्ति बताई गई थी। अचल संपत्ति की बात करें तो प्रह्लाद जोशी के नाम पर 11.24 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं उनकी पत्नी के नाम पर 86.39 लाख रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है। चल और अचल संपत्तियों को मिलाकर उनके परिवार की कुल संपत्ति 21 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुल संपत्ति

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कुल संपत्ति 6.92 करोड़ रुपये बताई गई है। चुनाव आयोग में दाखिल उनके हलफनामे के अनुसार, इसमें उनकी चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। उनके नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की चल संपत्ति दर्ज है, जिसमें बैंक बैलेंस, निवेश, वाहन, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास जमीन और मकान जैसी अचल संपत्तियां भी हैं। गौरतलब है कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है।