पटना की रफ्तार को लगेंगे पंख: जेपी गंगा पथ का कोइलवर तक विस्तार शुरू, 1.5 घंटे का सफर अब मात्र 30 मिनट में!

पटना की लाइफलाइन कहे जाने वाले जेपी गंगा पथ का विस्तार अब कोइलवर तक होगा, जिससे 90 मिनट का सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा होगा।

Patna : राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले जेपी गंगा पथ (JP Ganga Path) के अगले चरण का विस्तार कार्य अब धरातल पर उतरने लगा है। दीघा से कोइलवर तक बनने वाले इस 36 किलोमीटर लंबे फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही पटना और भोजपुर के बीच की दूरी सिमट जाएगी। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वर्तमान में जिस सफर को तय करने में डेढ़ घंटे का समय लगता है, वह निर्माण के बाद महज 30 मिनट में पूरा हो सकेगा।

₹6500 करोड़ की लागत और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मॉडल

पथ निर्माण विभाग के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 6500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी 'विश्व समुद्रा' तैयार कर रही है। यह बिहार की पहली ऐसी परियोजना है जिसे हाइब्रिड एनवीटी (NVT) मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। 36 किमी लंबे इस पथ का 18 किमी हिस्सा एलिवेटेड (हवा में) होगा, जबकि बाकी 18 किमी हिस्सा मिट्टी के बांध पर एटग्रेड (जमीन पर) निर्मित किया जाएगा।

सारण और वैशाली के लिए कनेक्टिविटी होगी आसान

यह सड़क दीघा जेपी सेतु से शुरू होकर शेरपुर-बिहटा के रास्ते कोइलवर के नए पुल से जाकर मिलेगी। शेरपुर के पास यह परियोजना 'शेरपुर-दिघवारा छह लेन पुल' से भी कनेक्ट होगी। इस जुड़ाव से न केवल पटना, बल्कि सारण और वैशाली जिलों के बीच की कनेक्टिविटी बेहद सुगम हो जाएगी। इसके साथ ही दानापुर और शाहपुर से भी इस सड़क का जुड़ाव होगा, जो बक्सर और आरा की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा।

पटना को मिलेगी 'महाजाम' से मुक्ति

इस विस्तार योजना का सबसे बड़ा लाभ पटना शहर के भीतर लगने वाले भीषण जाम से राहत के रूप में मिलेगा। दक्षिण पटना और बिहटा की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के व्यस्त इलाकों (जैसे दानापुर, सगुना मोड़) में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे गंगा पथ के जरिए कोइलवर और वहां से आरा-बक्सर की ओर निकल सकेंगे। इससे शहर की आंतरिक सड़कों पर दबाव काफी कम हो जाएगा।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी

परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कुल 36 किमी में से 32 किमी तक सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शेष हिस्से पर भी काम तेजी से चल रहा है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट बिहार के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा।