2000 Rupee Note: 2000 के नोटों की विदाई लगभग पूरी, अभी भी बचे हैं आपके पास नोट? पढ़ लें ये जरूरी अपडेट

2000 Rupee Note: भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोटों को लेकर ताजा आंकड़ा जारी करते हुए तस्वीर लगभग साफ कर दी है। ...

2000 Rupee Note: भारतीय रिजर्व बैंक  ने 2000 रुपये के नोटों को लेकर ताजा आंकड़ा जारी करते हुए तस्वीर लगभग साफ कर दी है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक चलन से बाहर किए गए 2000 रुपये के नोटों में से करीब 98.35 फीसदी नोट अब तक बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं। 30 सितंबर 2025 तक इन नोटों का कुल बकाया मूल्य घटकर महज 5,884 करोड़ रुपये रह गया है। यानी देशभर में अब इतनी ही रकम के 2000 रुपये के नोट प्रचलन में बचे हैं।

आरबीआई ने 19 मई 2023 को 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से वापस लेने का ऐलान किया था। उस वक्त बाजार में इन नोटों का कुल मूल्य लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये था। बीते दो वर्षों में लगातार जमा और एक्सचेंज प्रक्रिया के जरिए ज्यादातर नोट बैंकिंग तंत्र में समाहित हो चुके हैं। यह कदम एक सुनियोजित मौद्रिक रणनीति का हिस्सा माना गया, जिसके तहत उच्च मूल्यवर्ग के नोटों पर निर्भरता कम की गई।

हालांकि आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 2000 रुपये का नोट अभी भी वैध मुद्रा  है। यानी कानूनी तौर पर इसका लेन-देन में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन व्यवहारिक तौर पर बाजार में इसकी मौजूदगी अब नगण्य रह गई है।

सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि 2000 का नोट अभी भी एक "वैध मुद्रा"  बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बार-बार स्पष्ट किया है कि भले ही इन नोटों को सक्रिय संचलन से हटा लिया गया है, लेकिन इनका मौद्रिक मूल्य समाप्त नहीं हुआ है। 

 आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 24(1) के तहत जारी यह नोट अभी भी कानूनी रूप से मान्य है। इसका अर्थ है कि इसे रखना कोई अपराध नहीं है।हालांकि यह वैध मुद्रा है, लेकिन व्यावहारिक रूप से बैंक शाखाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इसे स्वीकार करना बंद कर दिया गया है। दुकानदार और संस्थान अब इसे दैनिक लेनदेन के लिए स्वीकार करने में हिचकिचाते हैं क्योंकि वे इसे सामान्य बैंकों में जमा नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट के विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों के अनुसार, यह नोट वर्ष 2026 तक कानूनी निविदा बना रह सकता है, लेकिन इसका उपयोग केवल आरबीआई के माध्यम से ही संभव होगा। 

याद दिला दें कि 2000 रुपये का नोट नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद पेश किया गया था। तब सरकार ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर नकदी संकट से निपटने के लिए इसे जारी किया था। बाद के वर्षों में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की पर्याप्त उपलब्धता और बड़े नोटों के दुरुपयोग, कालेधन तथा नकली नोटों की आशंकाओं को देखते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से वापस लेने का फैसला किया गया।

आरबीआई ने यह भी बताया है कि जिन लोगों के पास अब भी 2000 रुपये के नोट हैं, वे उन्हें रिजर्व बैंक के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा या बदल सकते हैं। भारतीय डाक विभाग के माध्यम से भी नोट आरबीआई के इश्यू ऑफिस में भेजकर बैंक खाते में जमा कराए जा सकते हैं।