भारत-कनाडा रिश्तों में फिर 'लॉरेंस' का कांटा: लीक हुए RCMP के 3 गोपनीय पन्ने दावा गैंगस्टर या एजेंट?

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस को लेकर दावा किया है कि वह भारत सरकार के लिए काम कर रहा है। इस संबंध में कनाडा की ग्लोबल न्यूज ने RCMP की गोपनीय रिपोर्ट के 3 पन्ने जारी किए हैं।

भारत-कनाडा रिश्तों में फिर 'लॉरेंस' का कांटा: लीक हुए RCMP के 3 गोपनीय पन्ने दावा गैंगस्टर या एजेंट?- फोटो : News 4 Nation

कनाडा की 'ग्लोबल न्यूज' ने RCMP की एक गोपनीय रिपोर्ट के तीन पन्ने सार्वजनिक किए हैं, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। इस रिपोर्ट में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि लॉरेंस गैंग भारत सरकार के इशारों पर काम कर रहा है। RCMP की राष्ट्रीय सुरक्षा शाखा द्वारा तैयार इस दस्तावेज में बिश्नोई गिरोह को एक "हिंसक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन" करार दिया गया है, जिसकी जड़ें कनाडा समेत कई देशों में तेजी से फैल रही हैं।

भारत सरकार से संबंधों का सनसनीखेज दावा

रिपोर्ट का सबसे विवादास्पद हिस्सा वह है जहाँ भारतीय एजेंटों और लॉरेंस गैंग के बीच तालमेल की बात कही गई है। RCMP का दावा है कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में मौजूद खालिस्तान समर्थक नेताओं को निशाना बनाने के लिए इस संगठित आपराधिक गिरोह का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में सितंबर 2023 में विनिपेग में हुई सुखदूल सिंह की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि इस वारदात की जिम्मेदारी खुद लॉरेंस गैंग ने ली थी, जो इस गठजोड़ की ओर इशारा करता है।

अपराध का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और कार्यशैली

कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लॉरेंस गैंग किसी धार्मिक या राजनीतिक विचारधारा के बजाय पूरी तरह से 'लालच' और 'हिंसा' से प्रेरित है। यह गैंग मादक पदार्थों की तस्करी, रंगदारी (Extortion), मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी लेकर हत्या (Contract Killing) जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि गैंग का सरगना लॉरेंस बिश्नोई 2015 से भारत की जेल में बंद होने के बावजूद वहां से अपने वैश्विक साम्राज्य को सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है।

व्यापारिक संबंधों और कूटनीति पर असर

यह रिपोर्ट ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आई है जब कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। कार्नी की संभावित भारत यात्रा और आर्थिक सहयोग की कोशिशों के बीच इन गोपनीय दस्तावेजों का लीक होना दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को फिर से बढ़ा सकता है। व्यापारिक मिशन (Trade Mission) के दौरान इस रिपोर्ट का सर्कुलेशन कनाडा की आंतरिक राजनीति में भी हलचल पैदा कर रहा है।

खालिस्तानी नेताओं की हत्या और ट्रूडो का रुख

दस्तावेजों में 18 जून 2023 को हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का विशेष उल्लेख है। तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पहले ही संसद में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। रिपोर्ट के अनुसार, निज्जर की हत्या और उसके बाद मई 2024 में हुई गिरफ्तारियां इसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबे ने भी जून 2025 में आधिकारिक तौर पर इस गैंग को आतंकवादी संगठन की सूची में डालने की मांग की थी।

सिख संगठनों का विरोध और सरकार पर सवाल

कनाडा के सिख संगठनों ने इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को घेरा है। 'वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कनाडा' के प्रवक्ता बलप्रीत सिंह का आरोप है कि कनाडाई सरकार राजनीतिक और व्यापारिक फायदों के लिए भारत और लॉरेंस गैंग के कथित संबंधों की सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि सरकार को पूरी जानकारी होने के बावजूद वह पर्याप्त सख्ती नहीं दिखा रही है, जिससे कनाडा में रहने वाले विशिष्ट समुदाय के बीच असुरक्षा का माहौल है।

लॉरेंस गैंग को आतंकी संगठन का दर्जा

बीते तीन महीनों के घटनाक्रम के बाद, कनाडा सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए लॉरेंस गैंग को 'क्रिमिनल कोड' के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। कनाडा के लोक सुरक्षा मंत्री गैरी अनंदसंगरी ने स्पष्ट किया कि हिंसा और आतंक फैलाने वाले किसी भी संगठन के लिए कनाडा में कोई स्थान नहीं है। सरकार का मानना है कि यह गैंग न केवल अपराध कर रहा है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामुदायिक सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गया है।