Ara Juvenile Home: आरा बाल सुधार गृह में किशोरी की संदिग्ध मौत, 11 महीने से थी निरुद्ध, सूचना मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम

Ara Juvenile Home: बाल सुधार गृह में रह रही एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।...

किशोरी की संदिग्ध मौत- फोटो : reporter

Ara Juvenile Home: भोजपुर जिले के आरा से एक बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी मामला सामने आया है। बाल सुधार गृह में रह रही एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास हालत में बाल सुधार गृह पहुंच गए। परिजनों ने मौत पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मृतका के पिता संजीत ने बताया कि उनकी बेटी करीब 10 से 11 महीने पहले एक युवक के साथ प्रेम विवाह के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजी गई थी। चूंकि किशोरी नाबालिग थी, इसलिए अदालत ने उसे बाल सुधार गृह में रखने का निर्देश दिया था। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार युवक को करीब तीन-चार महीने पहले जमानत मिल चुकी थी।

परिजनों के मुताबिक, किशोरी बिहिया में पढ़ाई करती थी। इसी दौरान उसकी पहचान बेलौना गांव के एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। बाद में दोनों घर छोड़कर चले गए, जिसके बाद परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों को बरामद कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत किशोरी को बाल सुधार गृह भेज दिया था।

मृतका के पिता ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य समय-समय पर बाल सुधार गृह में जाकर बेटी से मुलाकात करते थे और उसके लिए कपड़े, भोजन तथा अन्य जरूरी सामान भी लेकर जाते थे। हाल ही में उसकी मां भी उससे मिलने गई थीं और उस समय किसी तरह की गंभीर परेशानी की जानकारी नहीं मिली थी।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि बाल सुधार गृह में रह रही उनकी बेटी की मौत हो गई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और यदि किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल किशोरी की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह प्राकृतिक मौत थी, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटना के बाद बाल सुधार गृह की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।

रिपोर्ट-आशीष कुमार