हेलो,मैं बोर्ड ऑफिस से बोल रहा हूं, आपकी बहन दो विषयों में फेल हो रही है... इंटर रिजल्ट से पहले सक्रिय हुआ ठगों का गिरोह

Bihar Crime: बदमाश खुद को बोर्ड ऑफिस का अधिकारी बताकर छात्रों के परिजनों को फोन कर रहे हैं और फेल होने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलने की फिराक में हैं।...

इंटर रिजल्ट से पहले ठगी- फोटो : X

Bihar Crime: बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम आने से पहले साइबर जालसाजों का एक खतरनाक गिरोह सक्रिय हो गया है। ये शातिर बदमाश खुद को बोर्ड ऑफिस का अधिकारी बताकर छात्रों के परिजनों को फोन कर रहे हैं और फेल होने का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलने की फिराक में हैं। ठगों का यह खेल इतना सुनियोजित और चालाकी से भरा है कि आम लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं।

ताजा मामला भोजपुर जिले के चरपोखरी इलाके से सामने आया है, जहां आनंद प्रकाश नामक युवक को एक कॉल आया। फोन करने वाले शख्स ने खुद को पटना स्थित बोर्ड ऑफिस का कर्मचारी बताया और कहा कि उनकी बहन इंटर परीक्षा में दो विषयों में फेल हो रही है। इसके बाद उसने बड़ी चालाकी से लालच का जाल बिछाया और कहा कि अगर कुछ पैसे ऑनलाइन दे दिए जाएं तो उनकी बहन को फर्स्ट डिवीजन से पास करा दिया जाएगा।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कॉल करने वाले जालसाज ने छात्रा का नाम, माता-पिता का नाम और अन्य निजी जानकारी भी सही-सही बताई। इससे साफ है कि इस गिरोह के पास छात्रों का संवेदनशील डाटा पहुंच चुका है। आनंद प्रकाश के पास मौजूद ऑडियो क्लिप में ठग पूरे आत्मविश्वास के साथ कहता सुनाई दे रहा है कि परीक्षार्थी केमिस्ट्री और फिजिक्स में फेल हो रही है और अगर रिजल्ट ठीक कराना है तो तुरंत ऑनलाइन पेमेंट करना होगा।

इस गिरोह की पहुंच इतनी दूर तक है कि इन्होंने लाखा उच्च विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य को भी निशाना बनाने की कोशिश की। ठगों ने उनके भतीजे का नाम और पूरा विवरण बताते हुए फोन किया और दावा किया कि उनका बेटा गणित में फेल हो रहा है। पास कराने के बदले मोटी रकम की मांग भी की गई।

शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जिला मुख्यालय के स्ट्रांग रूम में रखी जाती हैं और फिर बारकोडिंग के जरिए डेटा कंप्यूटर में फीड किया जाता है। यह काम अक्सर निजी एजेंसियों या बाहरी कर्मियों के जरिए कराया जाता है। आशंका जताई जा रही है कि इसी प्रक्रिया के दौरान छात्रों का निजी डेटा लीक हो रहा है और वही जालसाजों के हाथ लग रहा है।

इस पूरे मामले ने डेटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी मानवेंद्र कुमार राय ने डेटा लीक के सवाल पर पल्ला झाड़ते हुए इसे साइबर अपराध और जांच का विषय बताया है। फिलहाल अधिकारियों ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें, ताकि इस ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

रिपोर्ट- आशीष कुमार