Bihar News: तस्कर बताकर पुलिस ने मारी गोली, नेपाल में बिहारी युवक की मौत, पथराव से हालात तनावपूर्ण

Bihar News: भारत-नेपाल सीमा एक बार फिर खून से लाल हो गई। विजय साह की नेपाल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली चलने की खबर मिलते ही सीमावर्ती इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते माहौल सुलग उठा।

वसूली की मांग और फिर कत्ल- फोटो : social Media

Bihar News: भारत-नेपाल सीमा एक बार फिर खून से लाल हो गई। अररिया जिले के लौकही गांव निवासी विजय साह की नेपाल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात नेपाल के सुनसरी जिले में हुई, जहां विजय साह रोजी-रोटी के लिए ई-रिक्शा चलाते थे। गोली चलने की खबर मिलते ही सीमावर्ती इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते माहौल सुलग उठा।

जानकारी के मुताबिक, विजय साह चीनी का एक बोरा लेकर नेपाल गए थे। उसी दौरान नेपाल पुलिस ने उन्हें घेर लिया और तस्कर बताकर रोका। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे अवैध वसूली की मांग की। जब विजय साह रुपये नहीं दे सके तो बहस बढ़ गई। इसी तकरार के बीच एक नेपाली पुलिस जवान ने सरकारी वर्दी की आड़ में ट्रिगर दबा दिया। गोली लगते ही विजय साह जमीन पर ढेर हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

कत्ल की खबर फैलते ही स्थानीय लोग भड़क उठे। नेपाल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया। गुस्साई भीड़ ने नारेबाजी की, पथराव हुआ और हालात बेकाबू हो गए। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है, न कि कोई कार्रवाई। उनका सवाल है कि अगर शक था तो गिरफ्तारी होती, गोली क्यों मारी गई?

मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि विजय साह कोई तस्कर नहीं था, बल्कि गरीब मजदूर था, जो टोटो पर चीनी ले जा रहा था। उन्होंने भारत सरकार से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपी पुलिसकर्मी की तुरंत गिरफ्तारी व कड़ी सजा की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग उठी है।

इस बीच शव के गांव पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही है, लेकिन आंसुओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थानीय प्रशासन हालात संभालने की कोशिश में जुटा है, मगर लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा। अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि ऐसी गोली-मार घटनाएं डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। उनका कहना है कि अगर सरहद पर कानून की जगह बंदूक चलेगी, तो आम आदमी की जिंदगी हमेशा खतरे में रहेगी। दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल, पारदर्शी नियम और जवाबदेह सुरक्षा व्यवस्था की मांग अब और तेज हो गई है।