Bihar Crime: आरा में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड, मुख्य आरोपियों को कोर्ट तक कराया गया पैदल मार्च

Bihar Crime: आरा में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड मुख्य आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच नवादा थाने से आरा सिविल कोर्ट तक पैदल मार्च कराया गया।

आरा में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर हत्याकांड- फोटो : reporter

Bihar Crime: आरा में रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड मुख्य आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच नवादा थाने से आरा सिविल कोर्ट तक  पैदल मार्च कराया गया।  बिहार के आरा शहर में चर्चित रिटायर्ड कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह हत्याकांड में भोजपुर पुलिस ने एक अनूठी और सख्त कार्रवाई करते हुए नया मिसाल पेश किया है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के नामजद और गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में नवादा थाने से लेकर आरा सिविल कोर्ट तक पैदल मार्च कराते हुए पेशी के लिए ले जाया गया। भोजपुर पुलिस के इतिहास में यह अपने किस्म का पहला वाकया है, जब किसी बड़े हत्याकांड के आरोपियों को बिना नकाब पहनाए, पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच इस तरह सड़क पर पैदल चलाया गया।   कोर्ट तक पैदल मार्च का सुरक्षा इंतज़ाम और रूटपुलिस मुख्यालय और स्थानीय प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की पुख्ता मिसाल देखने को मिली। नवादा थाने से आरा सिविल कोर्ट की लगभग डेढ़ किलोमीटर की इस पूरी दूरी तय करने के दौरान आरोपियों को पैदल चलाया गया।

 इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर करीब 30 से 35 तेज-तर्रार पुलिसकर्मी और अधिकारी सादे लिबास और वर्दी में मुस्तैद रहे, जो लगातार आरोपियों के साथ कदमताल करते हुए कोर्ट तक पहुंचे।सबसे खास बात यह रही कि इस दौरान आरोपियों के चेहरे पर किसी तरह का नकाब या पर्दा नहीं डाला गया था, ताकि अवाम और कानून के सामने उनका चेहरा बेनकाब हो सके।किन-किन आरोपियों को लाया गया कोर्ट?पुलिस द्वारा जिन मुख्य आरोपियों को पैदल मार्च कराते हुए कोर्ट में पेश किया गया, उनमें मुख्य रूप से चंदन सिंह, अभिषेक और टीपू शामिल हैं।

गौरतलब है कि इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने त्वरित और तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए बड़ी कार्रवाई की थी, जिसके तहत मुख्य आरोपी चंदन सिंह और अभिषेक को कोलकाता एयरपोर्ट से दबोचा गया था, जबकि चौथे आरोपी टीपू को भोजपुर से ही गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा इस साजिश में शामिल अन्य नामजद लोगों की संलिप्तता की भी गहराई से छानबीन की जा रही है।   क्या थी पूरी वारदात?यह सनसनीखेज वारदात 15 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले (जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास) उस वक्त अंजाम दी गई थी, जब रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह अपनी पत्नी और बड़े बेटे के साथ मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी थी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। 

इस घटना के पीछे मुख्य वजह ज़मीन का पुराना विवाद सामने आया है।   भोजपुर पुलिस के इस सख्त एक्शन से अपराधियों केौसले पस्त करने और कानून का खौफ पैदा करने का एक कड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है, ताकि सूबे में इस तरह के दुस्साहसिक अपराधों पर रोक लग सके।

रिपोर्ट- आशीष कुमार