Bihar Crime: स्वास्थ्य महकमे में बहाली के नाम पर लाखों की उगाही का खेल! BCM पर रिश्वतखोरी का संगीन इल्जाम

Bihar Crime:बिहार में स्वास्थ्य विभाग की छवि पर एक बार फिर भ्रष्टाचार का दाग लगता नजर आ रहा है।...

स्वास्थ्य महकमे में बहाली के नाम पर लाखों की उगाही का खेल!- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार में स्वास्थ्य विभाग की छवि पर एक बार फिर भ्रष्टाचार का दाग लगता नजर आ रहा है। औरंगाबाद के बारुण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली को लेकर रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोप है कि बहाली के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की अवैध वसूली की गई। इस मामले में पीड़िता ने जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।

आरोपों के घेरे में बारुण सीएचसी की बीसीएम कुसुम कुमारी हैं, जिन पर लगातार यह इल्ज़ाम लग रहा है कि उन्होंने आशा चयन प्रक्रिया में जमकर हेरा-फेरी की। कुछ दिन पहले प्रखंड मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान भोपतपुर पंचायत के पंचायत समिति सदस्य बलवंत कुमार ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि कुसुम कुमारी ने एक लाख साठ हजार रुपये लेकर आशा चयन में गड़बड़ी की है।

इसी कड़ी में खैरा पंचायत की रहने वाली सविता देवी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। सविता देवी का कहना है कि आशा में बहाली कराने के एवज में उनसे एक लाख तीस हजार रुपये लिए गए। पीड़िता ने जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को दिए आवेदन में न सिर्फ अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है, बल्कि इस तरह की भ्रष्टाचार में लिप्त बीसीएम के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की अपील भी की है।

मामले पर जब जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने पुष्टि की कि खैरा पंचायत की महिला सविता देवी का आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इधर, इस पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर पीड़िता बीसीएम कुसुम कुमारी से अपने पैसे की मांग करती नजर आ रही है, जबकि कुसुम कुमारी पैसे लौटाने की बात कहती दिख रही हैं। वीडियो में यह कहते हुए भी सुना जा रहा है कि “जब पैसा आप लोग देते हैं तो उसी समय हम सब में बंट जाता है।” हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि न्यूज4नेशन नहीं करता है।

लेकिन हालात जिस तरह के सामने आ रहे हैं, उससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आशा बहाली के नाम पर सिर्फ एक अधिकारी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में ‘मलाई खाने’ वालों की फौज सक्रिय है। अगर आरोप सही साबित होते हैं तो इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारियों पर भी कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

रिपोर्ट-दीनानाथ मौआर