Bihar Crime: जदयू नेता के पिता की पीट-पीटकर हत्या, स्कूल विवाद में बर्बर हमला, पोता भी घायल
Bihar Crime: जदयू नेता के 70 वर्षीय पिता छेदी मंडल की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
Bihar Crime: सराकार भले हीं अपराध पर नियंत्रण का दावा कर रही हो लेकिन पुलिस एक केस का फाइल अभी पूरा भी नहीं करती कीअपराधी दूसरी घटना को अंजाम दे दे रहे हैं। ताजा मामला बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के अंगारू जबड़ा पंचायत के गदाल गांव में शनिवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। जदयू प्रखंड अध्यक्ष भैरव मंडल के 70 वर्षीय पिता छेदी मंडल की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना की जड़ भैरव मंडल के बेटे सौरभ और स्थानीय छात्रों के बीच चला आ रहा पुराना विवाद बताया जा रहा है।जानकारी के मुताबिक, भैरव मंडल का 19 वर्षीय पुत्र सौरभ मंडल जबड़ा हाई स्कूल में कक्षा 11 का छात्र है। इसी स्कूल में अंगारू जबड़ा निवासी देव झा और सचिन चौधरी भी पढ़ते हैं।
करीब 15–20 दिन पहले आपसी झगड़े के बाद तीनों के बीच तनाव बना हुआ था। शनिवार को स्कूल में फिर विवाद और मारपीट हुई। इसके बाद सचिन चौधरी ने भैरव मंडल को फोन कर सुबह समझौते की बात कही।इस बीच, जब परिवार के सदस्य गांव में एक शादी समारोह में थे, तभी 15–20 की संख्या में हमलावर सात-आठ बाइक और एक कार से छेदी मंडल के घर पहुंचे और उन पर बर्बर हमला कर दिया।
पोते सौरभ ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे भी पीटा,हालाँकि वह गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।70 वर्षीय छेदी मंडल बुजुर्ग होने और शुगर की बीमारी के कारण चोटें सह नहीं पाए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमलावर वहां से फरार हो गए, लेकिन भागदौड़ में उनकी कार वहीं छूट गई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।परिवार ने छेदी मंडल को बौंसी रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर उत्तम कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही बौंसी इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष राजरतन, एएसआई राकेश कुमार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। बाद में एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच की।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बांका भेज दिया है।एसडीपीओ ने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
हत्या की खबर से घर में मातम पसर गया है। मृतक की पत्नी उर्मिला देवी, पुत्र बालकृष्ण मंडल, भैरव मंडल, गोपाल मंडल, और पोते संतोष मंडल व सौरभ मंडल का रो-रोकर बुरा हाल है।
रिपोर्ट- मदन झा