Bihar Crime: ऐतिहासिक मंदार पर्वत पर युवती से हैवानियत, जमुई समस्तीपुर के बाद बांका में लड़की से वहशीपन का वीडियो वायरल , पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

Bihar Crime: मंदार पर्वत जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर युवती के साथ बदसलूकी हो जाती है तो सवाल लाजमी है कि वहां निगरानी और पुलिस गश्त कितनी मुस्तैद है?...

युवती से बदसलूकी के बाद निगरानी और पुलिस गश्त पर सवाल- फोटो : social Media

Bihar Crime: बांका के ऐतिहासिक मंदार पर्वत से सामने आए वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था और पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ युवक एक युवती के साथ कथित तौर पर अभद्रता, हाथ मरोड़ने और मारपीट की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। सबसे हैरतअंगेज बात यह है कि कथित हरकतों को सोशल मीडिया रील का रूप देकर ऐसे गीत के साथ प्रसारित किया गया, जिसमें सरकारी वर्दी को चुनौती देने का भाव है।

लेकिन इस घटना के साथ एक और बड़ा सवाल खड़ा होता है मंदार पर्वत जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर निगरानी और पुलिस गश्त कितनी मुस्तैद है? एक संवेदनशील वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई, मगर अब यह जांच का विषय है कि कथित वारदात के वक्त वहां सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और आरोपितों को ऐसी हरकत करने का दुस्साहस कैसे हुआ। स्थानीय स्तर पर स्थायी पुलिस व्यवस्था और प्रभावी निगरानी की मांग भी उठ रही है।

पुलिस के मुताबिक वीडियो में 3 सितंबर की तारीख दिखाई दे रही है, जबकि यह फुटेज 22 सितंबर को पुलिस के संज्ञान में आया। बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा को सोशल मीडिया सेल के जरिए दोपहर करीब 2:45 बजे वीडियो मिला। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम करीब 3 बजे मंदार पर्वत पहुंची और वीडियो में दिखाई दे रहे स्थल का सत्यापन किया। पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो मंदार पर्वत का ही है।

प्राथमिकी के अनुसार, वीडियो में छह अज्ञात युवक युवती के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर आरोपितों की पहचान का प्रयास शुरू कर दिया है। फिलहाल किसी आरोपी की पहचान स्पष्ट नहीं हुई है। बौंसी थाना पुलिस ने BNS की धाराओं 74, 75, 76 और 3(5) तथा IT Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे चेहरों की पहचान कर आरोपितों तक पहुंचना है। साथ ही घटना की वास्तविक तारीख और पूरे घटनाक्रम की तफ्तीश भी जरूरी है। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद कार्रवाई शुरू हुई है, लेकिन सवाल यही है कि क्या कानून का खौफ अपराध से पहले दिखाई देगा या फिर वायरल वीडियो सामने आने के बाद ही पुलिस की नींद टूटेगी?

हीरेश कुमार