Bihar Police:दारोगा ने डांसर को मारा थप्पड़, तान दिया सर्विस रिवाल्वर, मां-बहन की....
Bihar Police: बेगूसराय जिले से खाकी की संवेदनहीनता और गुंडागर्दी की एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ...
Bihar Police: बेगूसराय जिले से खाकी की संवेदनहीनता और गुंडागर्दी की एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी दुर्गा स्थान स्थित पूजा पंडाल में जो तांडव देखने को मिला, उसने साबित कर दिया है कि सत्ता और वर्दी के नशे में चूर कुछ खाकीधारी कानून को अपनी जेब की पुड़िया समझते हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार, जागरण कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपजे विवाद के बीच एक दारोगा महोदय ने सारी सीमाओं को लांघते हुए न सिर्फ एक महिला डांसर पर हाथ उठाया, बल्कि सरेआम अपनी सर्विस रिवाल्वर तानकर अपनी धौंस और दहशत फैलाई। यह मंजर इस बात का खुला गवाह है कि किस प्रकार खाकीधारी अपनी तानाशाही और बर्बरता के बल पर आम नागरिकों और कलाकारों को बेकसूर कुचलने का कुत्सित प्रयास करते हैं। क्या भारतीय संविधान या देश का कोई भी कानून किसी पुलिस अधिकारी को इस बात की इजाजत देता है कि वह किसी महिला कलाकार को थप्पड़ मारे और उस पर हथियार ताने? यह कृत्य न केवल इंसानियत का कत्ल है, बल्कि वर्दी के नाम पर एक बदनुमा दाग भी है जो पुलिस की साख को तार-तार कर रहा है।
जब इस काली करतूत का वीडियो सोशल मीडिया के गलियारों में आग की तरह फैला और पुलिस प्रशासन की जमकर छीछालेदर हुई, तब जाकर नींद से जागे पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के जरिए भले ही यह सफाई दे रही है कि मंच पर अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस गई थी, लेकिन क्या अव्यवस्था का उपाय कानून को हाथ में लेना और महिलाओं पर हाथ उठाना है? यह कोरा झूठ और प्रशासनिक लीपापोती कें नहीं कहा जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के नाम पर इस मामले को ठंडे बस्ते में डाला जाता है या वाकई उस खाकी वर्दी वाले मुजरिम पर कोई ठोस और नज़ीर बनने वाली कानूनी कार्रवाई होती है। जनता की सुरक्षा का ठेका लेने वाले जब खुद खूंखार बनकर कानून की धज्जियां उड़ाने लगें, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? यह घटना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि खाकी का यह अंधेरगर्दी भरा रवैया समाज के माथे पर एक काला कलंक बन चुका है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री