बेंगलुरु में खूनी खेल: कर्ज के दलदल में फंसे युवक ने मां-बहन की हत्या कर खुद का गला रेता

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। कर्ज में डूबे एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार के तीन लोगों का गला रेत दिया। वहीं इसके बाद खुद ने भी आत्महत्या करने का प्रयास किया।दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप घायल है

कर्ज के दलदल में फंसे युवक ने मां-बहन की हत्या कर खुद का गला रेता- फोटो : news 4 nation

बेंगलुरु के अनेकल तालुक स्थित मल्लेनाहल्ली में एक ही परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमले की रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। 27 वर्षीय मोहन गौड़ा नामक युवक ने कर्जदारों के उत्पीड़न से तंग आकर अपनी 55 वर्षीय मां आशा और 34 वर्षीय बहन वर्षिता का गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस हिंसक वारदात के दौरान उसने अपने 11 वर्षीय भांजे मयंक पर भी हमला किया और फिर खुद का गला रेतकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

वीडियो संदेश से हुआ खुलासा

वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी मोहन गौड़ा ने सुसाइड नोट के बजाय एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अपनी मानसिक पीड़ा और कर्ज के दबाव का जिक्र किया। यह वीडियो उसने अपने रिश्तेदारों को भेज दिया, जिसे देख परिजन दंग रह गए। घबराए हुए रिश्तेदार जब आनन-फानन में घर पहुंचे, तो अंदर का नजारा भयावह था। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर मां और बेटी के शव खून से लथपथ मिले, जबकि मोहन और मयंक जमीन पर तड़प रहे थे। रिश्तेदारों ने तुरंत दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

विलासिता और कर्ज बना काल

बेंगलुरु ग्रामीण एसपी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि इस खौफनाक कदम के पीछे अत्यधिक कर्ज और आरोपी की जीवनशैली मुख्य कारण रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मोहन गौड़ा टिकट व्यवसाय से जुड़ा था और अपनी विलासितापूर्ण आदतों के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने में असमर्थता और कर्जदारों के लगातार बढ़ते दबाव के चलते उसने पूरे परिवार को खत्म कर खुद भी जान देने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी ने पहले सो रहे परिजनों पर हमला किया और फिर खुद को नुकसान पहुंचाया।

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

अत्तिबेले पुलिस स्टेशन में इस संबंध में हत्या और आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के स्वस्थ होने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे घटना की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके। पुलिस अब उन कर्जदारों की भी पहचान करने में जुटी है, जो मोहन को प्रताड़ित कर रहे थे। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती मोहन और उसके भांजे मयंक की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर रखे हुए है, जबकि इस घटना ने आर्थिक दबाव के कारण होने वाले गंभीर अपराधों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।