Bihar Crime: एलआईसी दफ्तर में फायरिंग, गार्ड की लोडेड बंदूक बनी आफत, काउंटर पर खड़े शख्स के पेट में धंसी गोली

Bihar Crime:बगहा के एलआईसी कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी, चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब दफ्तर के भीतर अचानक चली गोली ने पूरे परिसर को हिला कर रख दिया। ..

एलआईसी दफ्तर में फायरिंग- फोटो : reporter

Bihar Crime:बगहा के एलआईसी कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी, चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब दफ्तर के भीतर अचानक चली गोली ने पूरे परिसर को हिला कर रख दिया। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले एक शख्स खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना ने न सिर्फ कार्यालय में मौजूद लोगों को दहला दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मामला बगहा स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कार्यालय का है, जहां रोजाना की तरह लोगों की भीड़ अपने बीमा संबंधी कामकाज के लिए पहुंची हुई थी। इसी दौरान पिपरिया निवासी 40 वर्षीय उपेंद्र चौधरी अपने परिचित और एलआईसी एजेंट राणा प्रताप चौधरी के साथ प्रीमियम की राशि जमा कराने कार्यालय पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में एक मामूली दिन सनसनीखेज गोलीकांड में बदल जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उपेंद्र चौधरी काउंटर पर पैसा जमा करने की प्रक्रिया में लगे हुए थे। उसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड अपनी लोडेड बंदूक के साथ मौजूद था। अचानक बंदूक से फायर हो गया। गोली सीधी उपेंद्र चौधरी के दाहिने पेट और बाएं हाथ में जा लगी। गोली लगते ही वह दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े और पूरे परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

गोली चलने की आवाज सुनकर दफ्तर में मौजूद लोग सहम गए। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कई लोग घायल को बचाने के लिए दौड़ पड़े। कुछ देर के लिए एलआईसी कार्यालय किसी वारदात के घटनास्थल जैसा नजर आने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उपेंद्र चौधरी को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गोली पेट में लगने के कारण उनकी हालत गंभीर बनी रही। अस्पताल की चिकित्सक डॉ. शिवांगी गुप्ता ने प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद पुलिस महकमा भी हरकत में आ गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की तहकीकात शुरू कर दी। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर बंदूक से गोली कैसे चली और इसके पीछे महज लापरवाही थी या सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी।बगहा पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एलआईसी कार्यालय के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड से पूछताछ की जा रही है। घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को भी भेज दी गई है। साथ ही कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि गोली चलने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

फिलहाल इस गोलीकांड ने दफ्तरों और सार्वजनिक संस्थानों में हथियार लेकर तैनात सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी और प्रशिक्षण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह महज एक हादसा था या फिर किसी गंभीर लापरवाही का नतीजा।

रिपोर्ट- आशीष कुमार