Bihar Crime:बिहार में महिला सिपाही का अश्लील वीडियो वायरल, ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज खेल से हड़कंप

Bihar Crime: बदमाशों ने बिहार पुलिस में नवनियुक्त एक महिला सिपाही को निशाना बनाते हुए उसकी इज़्ज़त और पहचान को तार-तार करने की साज़िश रच डाली।

महिला सिपाही का अश्लील वीडियो वायरल- फोटो : X

Bihar Crime: बिहार  में साइबर जुर्म की एक घिनौनी और शर्मनाक वारदात सामने आई है, जिसने न सिर्फ़ कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भागलपुर जिले के  बरारी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने बिहार पुलिस में नवनियुक्त एक महिला सिपाही को निशाना बनाते हुए उसकी इज़्ज़त और पहचान को तार-तार करने की साज़िश रच डाली।

पीड़िता की मां के मुताबिक, बेटी का चयन बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर हुआ था। वर्दी पहनने की खुशी अभी परिवार मना ही रहा था कि बदनियत लोगों की नज़र उस पर पड़ गई। भागलपुर और पूर्णिया जिले के रूपौली थाना क्षेत्र के दो युवकों ने महिला सिपाही से लगातार फोन कर संपर्क साधा और शादी के लिए नाजायज़ दबाव बनाने लगे। जब युवती ने साफ़ इनकार किया, तो मामला इश्क़ की नाकामी से बदले और ब्लैकमेलिंग की खौफनाक साज़िश में बदल गया।

आरोप है कि दोनों युवकों ने सोशल मीडिया पर महिला सिपाही के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर उसकी अश्लील और गंदी तस्वीरें व वीडियो वायरल कर दिए। इस हरकत का मक़सद सिर्फ़ बदनाम करना नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर तोड़ना और दबाव बनाना था। तस्वीरें वायरल होते ही परिवार पर आफ़त टूट पड़ी और समाज में बदनामी का डर सताने लगा।

पीड़िता की मां ने हिम्मत दिखाते हुए बरारी थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में साफ़ तौर पर साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। बरारी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर लिया है और कहा है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ़ एक महिला सिपाही का नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा है जो वर्दी पहनकर कानून की हिफ़ाज़त में खड़ी हैं।

इस सनसनीखेज़ वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर दुनिया में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन कानून का शिकंजा भी अब और सख़्त होता जा रहा है।

रिपोर्ट- अंजनी कश्यप