Bihar Police: बिहार में पुलिस का काला खेल उजागर, ट्रैफिक चालान की रकम मैनेज करने के गोरखधंधे का हुआ खुलासा, वीडियो से विभाग में मचा है हड़कंप

Bihar Police: ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जहां सरकारी तौर पर दो से पांच हज़ार रुपये तक का चालान तय है, वहीं ज़मीनी हक़ीक़त में बिहार में यह जुर्माना दो सौ पांच सौ रुपये में मैनेज हो रहा था।

ट्रैफिक चालान की रकम मैनेज करने के गोरखधंधे का हुआ खुलासा- फोटो : reporter

Bihar Police: बिहार में कानून की हिफ़ाज़त करने वाली खाकी पर एक बार फिर संगीन इल्ज़ाम लगे हैं। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जहां सरकारी तौर पर दो से पांच हज़ार रुपये तक का चालान तय है, वहीं ज़मीनी हक़ीक़त में यह जुर्माना दो सौ पांच सौ रुपये में मैनेज हो रहा था। कटिहार यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इसी कथित गोरखधंधे का एक वीडियो News4nation के हाथ लगा है, जिसने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मामला कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र के मनिहारी मोड़ से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर एक चाय दुकान को डीलिंग पॉइंट या यूं कहें कि कलेक्शन सेंटर बना दिया गया था। वायरल वीडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि एक वाहन चालक को ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में रोका जाता है। ट्रैफिक जवान उसे दो हज़ार से पांच हज़ार रुपये तक के भारी फाइन का डर दिखाते हैं। जब चालक अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफ़ीनामा पेश करता है और जुर्माना छोड़ देने की गुज़ारिश करता है, तो वीडियो में ट्रैफिक पुलिस अधिकारी द्वारा फाइन नहीं काटने के एवज़ में मनिहारी मोड़ की उसी चाय दुकान में 200 रुपये “रख देने” की बात कही जाती है।

वीडियो सामने आने के बाद News4Nation के संवाददाता ने जब कटिहार एसपी से इस पूरे मामले पर बात की, तो एसपी ने सख़्त रुख अपनाते हुए वीडियो के आधार पर दो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की। साथ ही एक ट्रैफिक जवान की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

कानूनन ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन अगर यह रकम सरकारी खजाने में जमा होने के बजाय किसी अधिकारी या कर्मी की जेब में जाए, तो यह अपने आप में एक संगीन अपराध है। इस पूरे प्रकरण में कथित कलेक्शन सेंटर बने चाय दुकानदार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। दुकानदार का दावा है कि पुलिसकर्मी द्वारा यह पहली बार ऐसा कहा गया, लेकिन वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल, कटिहार में खाकी की इस काली कमाई का मामला जांच एजेंसियों के रडार पर है। अब देखना यह है कि यह कार्रवाई महज़ दिखावटी साबित होती है या फिर भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क पर सचमुच कानून का डंडा चलता है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह