बेतिया में पुलिस हिरासत में फाइनेंस कर्मी की मौत, मृतक के पिता ने लगाया साजिशन हत्या का आरोप
मृतक के पिता अकबर अंसारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि दिलशाद गाड़ी से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गिरने से उसका पैर टूट गया और सिर में गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
Bihar News : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अवरहिया बढ़ई टोला, वार्ड संख्या तीन निवासी फाइनेंस कर्मी दिलशाद अंसारी (25) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। रविवार की रात करीब दो बजे पुलिस की दो गाड़ियां उसके घर पहुंचीं और उसे अपने साथ ले गईं। बाद में परिजनों को बताया गया कि दिलशाद को एनडीपीएस मामले में हिरासत में लिया गया है। कुछ ही समय बाद उसकी मौत की सूचना मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के पिता अकबर अंसारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि दिलशाद गाड़ी से कूदकर भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गिरने से उसका पैर टूट गया और सिर में गंभीर चोट लग गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, घटना को लेकर परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक की पत्नी नगमा खातून ने साजिशन हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि दिलशाद के सिर के पीछे लगी चोट और उसकी मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दिलशाद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी पत्नी नगमा खातून और चार माह की एक बच्ची है। पिता की मौत से मासूम बच्ची के सिर से साया उठ गया है। वहीं, पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है और मौत की वास्तविक वजह जानना चाहता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिलशाद अंसारी के खिलाफ एनडीपीएस समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे। इसी सिलसिले में पुलिस उसे देर रात घर से अपने साथ ले गई थी। पुलिस की ओर से गाड़ी से कूदकर भागने के प्रयास में घायल होने की बात बताई गई है, जबकि पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल, दिलशाद की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से चल सकेगा। मामले में निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने की मांग उठ रही है।
आशीष की रिपोर्ट