Gopalganj Encounter: बिहार में फिर एनकाउंटर, 50 हजार का इनामी बदमाश को दौड़ाकर मारी गोली, STF ने ऐसे बिछाया जाल ,कुख्यात आकाश सिंह के क्राइम साम्राज्य को किया ध्वस्त
Gopalganj Encounter: गोपालगंज पुलिस और एसटीएफ ने एक ऐसे शातिर मुजरिम को दबोच लिया, जिसका नाम सुनकर कारोबारी, राहगीर और आम लोग सहम जाते थे।
Gopalganj Encounter: बिहार में अपराध की दुनिया पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे"ऑपरेशन लंगड़ा का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। एक के बाद एक कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में आ रहे हैं। इसी कड़ी में गोपालगंज पुलिस और एसटीएफ ने एक ऐसे शातिर मुजरिम को दबोच लिया, जिसका नाम सुनकर कारोबारी, राहगीर और आम लोग सहम जाते थे। 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी आकाश सिंह अब सलाखों के पीछे है। हालांकि गिरफ्तारी से पहले उसने पुलिस को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार कानून के हाथ उससे ज्यादा लंबे साबित हुए।
गोपालगंज के अपराध जगत में आकाश सिंह का नाम किसी दहशत से कम नहीं था। हत्या, रंगदारी, छिनतई, लूटपाट और फायरिंग जैसे संगीन मुकदमों में उसका नाम बार-बार सामने आता रहा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर कानून की नजरों से बचने की कोशिश कर रहा था।
हाल के दिनों में उसने थावे इलाके के एक व्यवसायी से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगकर फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। इसी बीच मीरगंज में दिनदहाड़े एक बाइक सवार को गोली मारने की वारदात ने उसे फिर सुर्खियों में ला दिया। इन घटनाओं के बाद पुलिस और एसटीएफ ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता इत्तला के बाद STF और पुलिस ने जाल बिछाया। बताया जाता है कि जब पुलिस टीम उसके करीब पहुंची तो आकाश सिंह ने खुद को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी। कुछ देर तक गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंजता रहा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके घुटने में जा लगी और उसकी फरारी का सफर वहीं थम गया।
घायल बदमाश को कड़ी सुरक्षा के बीच गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए उसे पटना के पीएमसीएच रेफर किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी हालत स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है।
पुलिस की नजर अब सिर्फ आकाश सिंह तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं। उसके साथ जुड़े शूटरों, मददगारों और रंगदारी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पूछताछ के दौरान कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गोपालगंज पुलिस का दावा है कि ऑपरेशन लंगड़ा केवल एक अभियान नहीं बल्कि अपराधियों के खिलाफ निर्णायक जंग है। संदेश साफ है जो कानून को चुनौती देगा, वह या तो सलाखों के पीछे होगा या फिर कानून की कार्रवाई का सामना करेगा। आकाश सिंह की गिरफ्तारी को इसी मुहिम की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसने अपराध की दुनिया में हलचल और आम लोगों के बीच राहत की लहर पैदा कर दी है।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा