Noida land mafia: 71 साल की बूढ़ी महिला की फरियाद! जान–माल और जमीन की सुरक्षा की गुहार, जांच के आदेश के बावजूद FIR दर्ज नहीं
Noida land mafia: ग्रेटर नोएडा में 71 वर्षीय वृद्ध महिला ने भू-माफिया और पुलिस पर जमीन कब्जाने, मारपीट, लूट और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। जांच के आदेश के बावजूद FIR दर्ज न होने पर उठे सवाल।
71 वर्षीय वृद्ध महिला सुशीला देवी ने अपनी जान–माल और जमीन की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) और उसके साथ मौजूद कुछ अज्ञात लोगों और कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से उन्हें और उनके परिवार को गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, लेकिन जांच के आदेश के बावजूद अब तक पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की है।
पीड़िता के अनुसार, वह पिछले कई वर्षों से अपनी जमा पूंजी और जेवरात बेचकर अपनी पुत्री रंजना के साथ अपनी जमीन पर बने टिनशेड के मकान में रह रही थीं। हाल के दिनों में भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) और कुछ अज्ञात लोगों की तरफ से उन्हें मकान खाली करने की लगातार धमकियां दी जाने लगीं। इसकी सूचना उन्होंने टोल फ्री नंबर और स्थानीय थाना इकोटेक-3 को लिखित व टेलीफोनिक रूप से दी।
सुशीला देवी का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस का रवैया सामान्य रहा, लेकिन बाद में स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी निशांत मलिक का व्यवहार बदल गया और वह भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) का समर्थन करने लगे। आरोप है कि वृद्ध महिला और उनकी पुत्री के साथ बदसलूकी, धमकी और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
पीड़िता का कहना है कि एक दिन चौकी प्रभारी,भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) और कुछ अज्ञात लोगों ने मिलकर उनके घर में जबरन घुसकर मारपीट की। जान बचाने के लिए मां-बेटी जब कमरे में बंद हुईं तो आरोप है कि मुख्य गेट तोड़ दिया गया। इसके बाद दिनदहाड़े सोने की चेन, कुंडल, 50 हजार रुपये नकद, इंडेन गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेगुलेटर और अन्य घरेलू सामान लूट लिया गया।
इसके बाद पीड़ित परिवार को जबरन थाना इकोटेक-3 ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के पुत्र कृष्ण और बहनोई संतोष कुमार थाना पहुंचे, जहां आरोप है कि चौकी प्रभारी निशांत मलिक ने उनके साथ भी मारपीट, गाली-गलौज की और झूठे आरोप लगाए।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद वृद्ध महिला सुशीला देवी और उनकी पुत्री रंजना को झूठे मामले में जेल भेज दिया गया। बाद में ACP कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें जमानत पर रिहाई तो मिली, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद सुशीला देवी ने पूरा मामला अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र के संज्ञान में लाया। एडीसीपी ने मामले को गंभीर मानते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को जांच के निर्देश दिए। ACP के आदेश पर जब पुलिस टीम घटनास्थल के निरीक्षण के लिए पहुंची तो भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) सहित अवैध रूप से बाउंड्री करा रहे लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विवादित भूमि पर कोई अवैध निर्माण न होने दिया जाए।
हालांकि इसके बावजूद पीड़िता का कहना है कि अब तक न तो FIR दर्ज की गई है और न ही भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) व अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। वृद्ध महिला न्याय के लिए लगातार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। ठंड के इस मौसम में एक 71 वर्षीय वृद्ध महिला और उसकी पुत्री को अपने ही घर और जमीन से बेदखल किए जाने का खतरा बना हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला लूट, मारपीट, धमकी और पुलिसिया उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है, तो अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? क्या पीड़ित वृद्ध महिला को समय रहते न्याय मिलेगा, या फिर वह यूं ही दफ्तरों के चक्कर लगाती रहेगी? पीड़िता सुशीला देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि चौकी इंचार्ज निशांत मालिक ने भू-माफिया राकेश कुमार (ग्रेजीवाल प्रॉपर्टी) के साथ मिलकर उनके द्वारा बनाया गया कमरा तोड़ दिया।
भागलपुर से balmukund kumar कि रिपोर्ट