Jamui Crime: जमुई पहाड़ी पर हैवानियत, छात्रा को घेरा- घसीटा, प्राइवेट पार्ट पर मारा थप्पड़, नंदन यादव ने जबरन गोद में उठाया, शर्मनाक हरकत जान कर खून खौल जाएगा
Jamui Crime: जमुई की मड़वा पहाड़ी पर 19 सितंबर की शाम जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया।
Jamui Crime: जमुई की मड़वा पहाड़ी पर 19 सितंबर की शाम जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। कोचिंग से छुट्टी के बाद एक नाबालिग छात्र और छात्रा स्कूटी से सुनसान पहाड़ी इलाके में पहुंचे थे। करीब आधे घंटे की ड्राइव के बाद दोनों सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर घाटी के ऊंचे टीले पर बैठ गए। उन्हें क्या मालूम था कि कुछ ही देर में यह सुनसान इलाका उनके लिए खौफनाक कैदखाने में बदल जाएगा। करीब पांच बजे कुछ नाबालिग लड़के वहां पहुंचे और दोनों पर कमेंट करने लगे। छात्र-छात्रा ने नजरअंदाज किया, लेकिन इसके बाद युवकों की तादाद बढ़ने लगी। मोबाइल से फोन कर दूसरे लड़कों को बुलाया जाने लगा। खतरे का अहसास होते ही दोनों वहां से निकलने के लिए उठे, लेकिन तब तक रास्ता घिर चुका था।
कुछ युवक स्कूटी के पास पहुंचकर बैठ गए। छात्र ने मदद के लिए फोन निकालने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि झटके से उसका मोबाइल छीन लिया गया। देखते ही देखते करीब 20-25 युवक वहां जमा हो गए। इनमें कई की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इसके बाद आरोपों के मुताबिक भीड़ ने छात्रा को घेर लिया। उससे नाम और घर का पता पूछा गया। कुछ युवकों ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे सड़क पर घसीटा। छात्र को उससे अलग कर दिया गया। लड़की चीखती-गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कथित तौर पर भीड़ का दुस्साहस कम नहीं हुआ। इसी बीच लड़की के निजी अंगों को कई बार छूआ जाता है, थप्पड़ मारा जाता है।
वीडियो फुटेज में कुछ युवक छात्रा को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद दूसरे युवक फिर उसे पकड़ लेते हैं। इस तरह अफरातफरी और कथित बदसलूकी का सिलसिला चलता रहा। सामने आए वीडियो में भीड़ की आपत्तिजनक आवाजें और लड़की को डराने-धमकाने की बातें भी सुनाई देती हैं। आरोप है कि नंदन यादव ने छात्रा के साथ बेहद आपत्तिजनक और अमानवीय हरकत की।उसने लड़के के प्राइवेट पार्ट पर थप्पड़ मारा।
बताया जा रहा है कि पूरा घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। घटना के दो वीडियो सामने आए हैं एक करीब एक मिनट दो सेकंड और दूसरा करीब 35 सेकंड का। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान का सिलसिला शुरू किया। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथी हरेराम यादव को मंगलवार सुबह प्रतापपुर गांव के समीप मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि भागने के दौरान हरेराम का पैर टूट गया। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है, जिनमें तीन नाबालिग हैं।
जमुई प्रशासन ने घटना की जानकारी लगते हीं तुरंत संज्ञान लिया. डीएम नवीन कुमार और एसपी विश्वजीत ने शिकंजा कसा लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सदर थाना से महज करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित मड़वा पहाड़ी पर इतनी बड़ी भीड़ कैसे जमा होती रही। सोनाय मड़वा और कुंदर को जोड़ने वाली सड़क के आसपास आबादी कम है और शाम होते ही इलाका सुनसान हो जाता है। स्थानीय स्तर पर इस क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार और शराब तस्करी से जुड़े असामाजिक तत्वों की सक्रियता के आरोप भी सामने आए हैं।यहीं आईएएस तत्काली एसडीएम प्रतीभा रानी पर भी हमला हुआ था। स्थानीय थाना कहां सोया था। डीएम एसपी को खबर लग गई लेकिन स्थानीय थाना कुंभकर्णी नींद सोए हुए था। डीएम नवीन कुमार, एसपी विश्वजीत के कड़े तेवर के बाद हीं स्थानीय थाना एक्शन में क्यों आया। जब उस पहाड़ी पर घटनाएं होती हैं तो स्थानीय थाने ने रोकने के लिए क्या व्यवस्था की थी।सवाल तो है।
अब पुलिस के सामने सिर्फ आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की चुनौती नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और माहौल की पड़ताल भी जरूरी है, जिसने सुनसान पहाड़ी को कथित तौर पर अपराध का अड्डा बनने दिया। एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई यह शर्मनाक घटना सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों पर कड़ा सवाल छोड़ गई है।
हीरेश कुमार