Bihar Crime:बर्तन बेचने वाले को बांग्लादेशी बताकर पिटाई, नकदी छीनी, बिहार में कानून पर सवाल

Bihar Crime: बिहार से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है, जहां रोज़ी-रोटी की तलाश में घूम-घूमकर बर्तन बेचने वाले एक युवक को भीड़ ने बांग्लादेशी कहकर जुर्म का निशाना बना डाला।

बर्तन बेचने वाले को बांग्लादेशी बताकर पिटाई- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है, जहां रोज़ी-रोटी की तलाश में घूम-घूमकर बर्तन बेचने वाले एक युवक को भीड़ ने बांग्लादेशी कहकर जुर्म का निशाना बना डाला। यह सनसनीखेज मामला कोढ़ा पुलिस अनुमंडल के समेली प्रखंड अंतर्गत चकला गांव का बताया जा रहा है, जहां शक, नफरत और कानून की अनदेखी ने मिलकर एक बेगुनाह को लहूलुहान कर दिया।

पीड़ित युवक अकमल ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि वह सिमरिया का रहने वाला है और मोटरसाइकिल से गांव-गांव जाकर बर्तन बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता है। मंगलवार को जब वह रोज़ की तरह बर्तन बेचते हुए समेली प्रखंड के चकला गांव पहुंचा, तभी गांव के ही एक युवक ने उसे घेर लिया। पहले गाली-गलौज की गई, फिर ‘बांग्लादेशी’ कहकर उसकी पहचान पर सवाल उठाया गया। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने अकमल को धक्का-मुक्की करते हुए बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के दौरान उससे नगद पैसे भी छीन लिए गए। सड़क पर खून से सना अकमल मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन डर और खौफ के मंजर में कुछ देर तक कोई आगे नहीं आया। हालात इतने बिगड़ गए कि उसकी जान पर बन आई। इसी बीच गांव के कुछ समझदार लोगों ने हिम्मत दिखाई और बीच-बचाव कर उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाया, तब जाकर उसकी जान बच सकी।

इस खौफनाक घटना के बाद अकमल के परिजनों ने कोढ़ा थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई और इंसाफ की गुहार लगाई। उनका कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिलती, तो यह मामला किसी बड़ी अनहोनी में तब्दील हो सकता था।

पूरे मामले पर कोढ़ा पुलिस अनुमंडल के डीएसपी ने पुष्टि करते हुए कहा कि एक आरोपी का नाम सामने आया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक जाकर जांच की जा रही है।

यह वारदात सिर्फ एक युवक पर हमला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सोच पर भी बड़ा सवाल है क्या शक के नाम पर कोई भी किसी को जुर्म का शिकार बना सकता है? अब देखना यह है कि पुलिस की कार्रवाई इस नफरती जुर्म पर कितनी सख्ती से लगाम लगाती है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह