Bihar Crime:बिहार में सुबह-सुबह गोलियों की आवाज से गूजां इलाका, बदमाशों ने युवक को मारी गोली, आपराधिक इतिहास ने खोली पुरानी रंजिश की फाइल
Bihar Crime: बिहार के अपराधियों का हौसला एक बार फिर खूनी अंदाज़ में सड़कों पर उतर आया। तड़के सुबह बदमाशों ने एक युवक को निशाना बनाकर गोली दाग दी, जिससे इलाके में खौफ और अफरा-तफरी मच गई।
Bihar Crime: बिहार के अपराधियों का हौसला एक बार फिर खूनी अंदाज़ में सड़कों पर उतर आया। तड़के सुबह बदमाशों ने एक युवक को निशाना बनाकर गोली दाग दी, जिससे इलाके में खौफ और अफरा-तफरी मच गई। गोली लगते ही युवक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक जख्मी की हालत नाजुक लेकिन स्थिर बनी हुई है।
घटना मोतिहारी के लखौरा थाना क्षेत्र के गोला पकड़िया इलाके की बताई जा रही है। जख्मी युवक की पहचान महुअवा थाना क्षेत्र के कटगेनवा निवासी राजेश यादव के पुत्र सुमन कुमार उर्फ विक्की के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुमन अपने ममहर धपहर गांव गया हुआ था, तभी घात लगाए अपराधियों ने उसे गोली का शिकार बना लिया।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह मामला आपसी दुश्मनी और पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया है कि जख्मी युवक सुमन उर्फ विक्की कोई साधारण शख्स नहीं, बल्कि उसके खिलाफ लूट और चोरी के कई संगीन मामले दर्ज हैं। मुफस्सिल, महुअवा और लखौरा थाना सहित कई थानों में उसका आपराधिक इतिहास दर्ज है।
मामले को और संदिग्ध बनाता है एक अहम तथ्य घटना से ठीक एक दिन पहले ही घोड़ासहन पुलिस ने सुमन को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर उठाया था। उसे थाने लाकर क्रिमिनल परेड कराई गई और कल शाम ही मुक्त किया गया था। इसके कुछ ही घंटों बाद उस पर गोली चलना, पुलिस के लिए भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सदर-2 जितेश पांडेय के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन कर दिया है। टीम अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
फिलहाल पुलिस यह जानने में जुटी है कि गोली किसने चलवाई, क्यों चलवाई और किस साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया। सवाल यह भी है कि यह हमला पुरानी दुश्मनी का बदला था या फिर अपराध की दुनिया में वर्चस्व की जंग? जवाब आने बाकी हैं, लेकिन मोतिहारी की सड़कों पर एक बार फिर अपराध का साया गहराता दिख रहा है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार