न्यू ईयर पर हुड़दंग मचाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर, चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात, सावधान नहीं तो होगा एक्शन
Bihar News: आज से नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक ओर लोग जश्न-ए-नववर्ष में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ हुड़दंगी और असामाजिक तत्व इस मौके को सुरक्षा में सेंध लगाने का जरिया बनाने की फिराक में रहते हैं।
Bihar News: आज से नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। जहां एक ओर लोग जश्न-ए-नववर्ष में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ हुड़दंगी और असामाजिक तत्व इस मौके को सुरक्षा में सेंध लगाने का जरिया बनाने की फिराक में रहते हैं। ऐसे हालात में बिहार पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी जिले में खास तौर पर भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
रक्सौल बॉर्डर पर हालात यह हैं कि हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। एसएसबी के जवान दिन-रात मुस्तैद हैं और नेपाल से आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। महिला और पुरुष जवान सादे लिबास में भी गुप्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही किसी को भारतीय सीमा में प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर चल रहे इस अभियान से तस्करों में खलबली मची हुई है।
दरअसल, भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर हाल ही में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने गंभीर चिंता जाहिर की थी। पटना में हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने साफ निर्देश दिया था कि ड्रग्स, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर हर हाल में नकेल कसी जाए। इसके बाद से ही रक्सौल, सोनाबरसों और जोगबनी जैसे प्रमुख सीमावर्ती रास्तों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
मोतिहारी और आसपास के इलाकों में नेपाल से गांजा, अफीम और शराब की बड़ी खेप आने की अफवाहें लगातार सामने आ रही हैं। तस्कर इन नशीले पदार्थों को भारतीय बाजार तक पहुंचाने की फिराक में रहते हैं, खासकर त्योहारों और न्यू ईयर जैसे मौकों पर। एसएसबी अधिकारियों का दावा है कि लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है और उनकी टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं। कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन अब बच नहीं पाएगा।
बिहार सरकार ने भी तस्करी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विशेष टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। ड्रोन सर्विलांस, नाइट विजन कैमरे और आधुनिक तकनीक के सहारे सीमा की निगरानी की जा रही है। स्थानीय पुलिस, कस्टम विभाग और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह सतत निगरानी बनी रही, तो तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की कमर टूट सकती है। रक्सौल मैत्री पुल पर सख्त चेकिंग इस दिशा में सरकार का एक अहम और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार