Bihar Police: भूमाफिया के ठिकाने पर आधी रात पुलिस का धावा, 3 डीएसपी-5 थानों की पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, इतना हथियार - कैश देख हैरान हो गए अधिकारी

Bihar Police Raid: पुलिस ने भूमाफिया और अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात भूमाफिया के ठिकाने पर छापेमारी की।...

भूमाफिया के ठिकाने पर आधी रात पुलिस का धावा- फोटो : reporter

Bihar Police Raid:  मोतिहारी में एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पुलिस ने भूमाफिया और अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात राकेश शर्मा के ठिकाने पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो राइफल, दो पिस्टल, करीब 100 कारतूस, छह बोतल ब्रांडेड शराब, 27 लाख रुपये नकद और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े 65 से अधिक दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद जमीन के कागजात का अनुमानित मूल्य 15 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने राकेश शर्मा के पुत्र साहिल शर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

तीन डीएसपी और पांच थानों की पुलिस ने बोला धावा

जानकारी के मुताबिक, एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। छापेमारी में तीन डीएसपी और पांच थानों की पुलिस टीम शामिल रही। देर रात हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। भारी मात्रा में नकदी, हथियार और जमीन के दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।पुलिस की निगाह खास तौर पर बरामद 65 से अधिक डीड और रजिस्ट्री के कागजात पर टिकी है। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि जमीन के मालिकाना हक, खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री की वैधता और संभावित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आ सकें। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि बरामद दस्तावेज किन जमीनों से संबंधित हैं और इनके पीछे किसी तरह का अवैध कारोबार तो नहीं चल रहा था।

पुलिस महकमे में गठजोड़ की चर्चा, जांच पर टिकी निगाहें

इस कार्रवाई के बाद छापेमारी वाले इलाके में कथित तौर पर भूमाफिया और एक अनुमंडल स्तर के पुलिस पदाधिकारी के बीच सांठगांठ की चर्चाएं भी हो रही हैं। हालांकि, इस कथित गठजोड़ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित पुलिस पदाधिकारी की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने आया है।स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की मांग भी चर्चा में है। यदि जांच के दौरान किसी पुलिसकर्मी या पदाधिकारी की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, किसी अधिकारी की संलिप्तता को स्थापित तथ्य मानना जल्दबाजी होगी।

प्राथमिकी की तैयारी, कई राज खुलने की उम्मीद

छतौनी थाना पुलिस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है। बरामद हथियारों, कारतूस, नकदी, शराब और जमीन के दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की तफ्तीश से यह पता चलने की उम्मीद है कि बरामद संपत्ति का स्रोत क्या है और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।अब सबकी निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि क्या जमीन के इस कथित खेल के पीछे सिर्फ एक परिवार है या जांच में कोई बड़ा नेटवर्क भी सामने आएगा? इसका जवाब जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार