Bihar Education Department Fraud: वेतन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, तीन कलर्क निलंबित, कई अन्य कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार

Bihar Education Department Fraud: शिक्षा विभाग के सरकारी खजाने में सेंधमारी कर वेतन मद की लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले में विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है।

वेतन घोटाले में बड़ी कार्रवाई- फोटो : reporter

Bihar Education Department Fraud:  मोतिहारी जिले में शिक्षा विभाग के सरकारी खजाने में सेंधमारी कर वेतन मद की लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले में विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। एचआरएमएस  पोर्टल पर कथित फर्जीवाड़ा कर 60 लाख 57 हजार 158 रुपये की निकासी के मामले में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित तीन लिपिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, जांच का दायरा बढ़ने के साथ कई अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।

तीन लिपिकों पर गिरी निलंबन की गाज

विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबित किए गए कर्मियों में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक विनय प्रसाद, लिपिक राजीव रंजन कुमार और निम्नवर्गीय लिपिक मिथिलेश कुमार शामिल हैं। इन तीनों पर पांच बैंक खातों के माध्यम से सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी में संलिप्तता का आरोप है। जिला शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आरडीडीई कार्यालय ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।जारी आदेश में निलंबन अवधि के दौरान तीनों कर्मियों के लिए अलग-अलग मुख्यालय भी निर्धारित किए गए हैं। विनय प्रसाद को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सीतामढ़ी, राजीव रंजन कुमार को पश्चिमी चंपारण तथा मिथिलेश कुमार को शिवहर स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में मुख्यालय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जांच की आंच में कई और कर्मी, दो लिपिक भी रडार पर

कार्यालय सूत्रों की मानें तो इस कथित वेतन घोटाले की जांच में अभी और कई नाम सामने आ सकते हैं। दो अन्य लिपिकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक तीन लिपिकों समेत कुल पांच लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, अन्य लोगों की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

शिक्षकों को तीन दिन का अल्टीमेटम, रकम लौटाने का निर्देश

मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अधिक वेतन और दोहरी वेतन निकासी करने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर अतिरिक्त राशि सरकारी खाते में वापस जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा में राशि नहीं लौटाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी हो सकती है।

मृत और स्थानांतरित शिक्षकों के वेतन भुगतान की भी जांच

घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। वहीं, विभागीय स्तर पर भी कई चरणों में जांच शुरू कर दी गई है। प्रखंडवार मृत, त्यागपत्र दे चुके और दूसरे जिले में स्थानांतरित शिक्षकों की सूची तैयार कर उनके नाम पर हुए वेतन भुगतान का मिलान किया जा रहा है।शिक्षा विभाग के सूत्रों का दावा है कि जांच का दायरा बढ़ने पर घोटाले की कुल रकम 60 लाख रुपये से कहीं अधिक, यहां तक कि करोड़ों में पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिसिया तफ्तीश भी तेज हो गई है।फिलहाल इस पूरे मामले में विभागीय जांच, प्रशासनिक पड़ताल और पुलिस अनुसंधान जारी है। जांच में जिन-जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध या प्रमाणित पाई जाएगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी खजाने से निकाली गई रकम का पूरा हिसाब कब सामने आएगा और इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे शामिल अन्य चेहरों का पर्दाफाश कब होगा।


रिपोर्ट- हिमांशु कुमार