Bihar Crime: बिहार में रेत के तस्कर बेलगाम, हुकूमत बेबस! गंडक में उजला बालू की मची है लूट, जेसीबी, हवाइयों और अफसरों की मिलीभगत का काला खेल उजागर

Bihar Crime: सरकार की नज़रों के नीचे, प्रशासनिक सरपरस्ती और अफसरशाही की कथित मिलीभगत से उजला बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।...

बिहार में रेत के तस्कर बेलगाम- फोटो : reporter

Bihar Crime: खनन विभाग की सख्ती और सरकार के सख्त फरमानों के बावजूद गंडक नदी आज भी रेत के माफियाओं की जागीर बनी हुई है। सरकार की नज़रों के नीचे, प्रशासनिक सरपरस्ती और अफ़सरशाही की कथित मिलीभगत से उजला बालू का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। गोविन्दगंज से लेकर मलाही तक गंडक की धारा में हर रात कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, और रेत के सौदागर बेखौफ जेसीबी व हवाइयों के दम पर नदी की छाती चीर रहे हैं।

सरकार बार-बार एलान कर चुकी है कि अवैध बालू खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। मंत्री से लेकर वरीय अधिकारी तक फाइलों और बैठकों में सख्त निर्देश जारी कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। रात के अंधेरे में गंडक नदी से करीब आठ फीट गहराई तक उजला बालू की खुदाई की जा रही है। इसका ताज़ा सुबूत वह वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर तूफान की तरह वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नहीं, बल्कि चार-चार हवाइयां और जेसीबी मशीनें एक साथ अवैध खनन में जुटी हैं। यह मंजर किसी संगठित गिरोह की कारगुजारी की ओर इशारा करता है। वीडियो में स्थानीय ग्रामीण भी नज़र आ रहे हैं, जो इस गैरकानूनी धंधे का विरोध करते दिखते हैं। ग्रामीणों की आवाज़ में खौफ और गुस्सा दोनों झलकता है वे कहते सुने जा रहे हैं कि बाढ़ के वक्त नदी पहले ही तबाही मचाती है, और अब आठ फीट गहरा खनन भविष्य में और क़यामत ढा सकता है।

बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो गोविन्दगंज घाट का है। न्यूज़4 नेशन इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन वीडियो में दिख रहा खुल्लमखुल्ला अवैध खनन प्रशासन की कथित बेखबरी पर बड़े सवाल खड़े करता है। यह पूरा खेल अफ़सरों की नाक के नीचे चल रहा है, या फिर नाक के नीचे नहीं, बल्कि इशारों पर यह सवाल अब आम लोगों की जुबान पर है।

इस पूरे मामले में जिला खनन पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। वाट्सएप पर भेजे गए संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में सवाल लाज़िमी है क्या सिस्टम सो रहा है, या फिर रेत के इस काले कारोबार में किसी की चुप्पी भी हिस्सेदारी बन चुकी है?

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार