बिहार में सिग्नेचर स्कैम का धमाका, हेडमास्टर और सचिव के जाली साइन से स्कूल फंड पर लाखो का डाका, बीआरसी से जुड़ रहे कनेक्शन
Bihar School Crime:माध्यमिक विद्यालय बेतवना में ऐसा सिग्नेचर स्कैम सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।...
Motihari: शिक्षा विभाग एक बार फिर फर्जीवाड़े के दलदल में फंसा नजर आ रहा है। पताही प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बेतवना में ऐसा सिग्नेचर स्कैम सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्कूल के विकास कार्य के लिए आए 1 लाख 90 हजार रुपये को जाली दस्तख़त के सहारे साफ कर दिया गया और अब इस खेल में बीआरसी कर्मियों की मिलीभगत की चर्चा जोरों पर है।
मामला उस वक्त उजागर हुआ जब स्कूल के हेडमास्टर (एचएम) को अपने ही खाते से रकम गायब होने की भनक लगी। जांच में सामने आया कि 25 मार्च को एक ही दिन में दो बार निकासी की गई पहले 1 लाख 47 हजार और फिर 43,500 रुपये। यह पूरा ट्रांजैक्शन ऐसे अंजाम दिया गया, मानो कागजों पर सब कुछ दुरुस्त हो, लेकिन असल में यह एक सुनियोजित घोटाले की पटकथा थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एचएम और स्कूल के सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर यह निकासी की गई। यानी दस्तावेज़ों की दुनिया में जालसाजी का ऐसा जाल बुना गया, जिसमें बैंकिंग सिस्टम तक को चकमा दे दिया गया। यह रकम किसलय कुमार नाम के एक शख्स के आईडीबीआई बैंक खाते में ट्रांसफर की गई, जो अब जांच के घेरे में है।
बीईओ को जैसे ही इस घपले की सूचना मिली, उन्होंने फौरन स्टेट बैंक पताही शाखा से खाते का स्टेटमेंट और संबंधित दस्तावेज़ मंगवाए। शुरुआती जांच में साफ हुआ कि पीपीए (पेमेंट प्रोसेस ऑथराइजेशन) भी फर्जी तरीके से तैयार किया गया था, जिस पर एचएम और सचिव के जाली साइन किए गए थे।
उधर, स्टेट बैंक पताही की शाखा प्रबंधक प्रीति ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई, उसे होल्ड कराने के लिए आईडीबीआई बैंक को मेल भेजा गया है, ताकि काली कमाई का ट्रेल रोका जा सके।
इस पूरे फर्जीवाड़े ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। स्कूलों के बीच यह चर्चा गर्म है कि कहीं यह इकलौता खेल नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं? बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) कर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे मामला और संगीन हो गया है।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। क्या इस सिग्नेचर स्कैम के मास्टरमाइंड तक पुलिस पहुंच पाएगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, मोतीहारी में शिक्षा का मंदिर घोटालों की गूंज से कांप रहा है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार