Bihar Crime News: अंचलाधिकारी की बढ़ेंगी मुश्किलें! इस मामले में रिमांड की तैयारी, जांच करेगी SIT
Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में मुसहरी अंचल के अंचलाधिकारी महेंद्र शुक्ला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।....
Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में मुसहरी अंचल के अंचलाधिकारी महेंद्र शुक्ला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस उनसे गहन पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की अनुमति लेने की तैयारी में जुटी है। दूसरी ओर, मई 2025 में हुए निजी अटर्नी मोहम्मद जावेद और उनके सहयोगी राजू साह के चर्चित हत्याकांड की परतें खोलने के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद तेज हुई कार्रवाई
एसएसपी के मुताबिक, मुसहरी प्रखंड क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों के आधार पर लिखित आवेदन लेकर जांच का आश्वासन दिया गया है। इस दौरान अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।पुलिस का कहना है कि पहले अधिकारियों से पूछताछ की कोशिश की गई थी, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब दोनों अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, रिमांड की अनुमति और पूछताछ के नतीजों को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
13 मई 2025 को गोलियों से गूंजा था जिला स्कूल गेट
इस मामले की अहम कड़ी 13 मई 2025 की शाम हुई दोहरी हत्या है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र में जिला स्कूल गेट के पास अज्ञात अपराधियों ने निजी अटर्नी मोहम्मद जावेद और उनके सहयोगी राजू साह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।प्रारंभिक जांच के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री, विवादित भूखंडों और अंचल कार्यालय के सरकारी दस्तावेजों से जुड़े विवादों की बातें सामने आई थीं। जावेद जमीन से संबंधित कागजात तैयार करने का काम करते थे। पुलिस अब इन पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है कि कहीं जमीन के कारोबार से जुड़े विवाद का इस हत्याकांड से कोई संबंध तो नहीं था।
SIT की जांच से खुलेगा राज?
सिटी एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी जमीन विवाद, राजस्व दस्तावेजों में कथित हेरफेर और दोहरे हत्याकांड के संभावित कनेक्शन की जांच करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि संदिग्ध बिंदुओं की कड़ियां जोड़ने से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं।
फिलहाल, महेंद्र शुक्ला के खिलाफ रिमांड की तैयारी और जावेद हत्याकांड की एसआईटी जांच पर सबकी नजर है। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिकायतें या पूछताछ की तैयारी अपने आप में किसी अधिकारी की संलिप्तता का प्रमाण नहीं हैं। मामले में वास्तविक भूमिका और जिम्मेदारी जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा