Bihar Crime: 21 लाख रुपए डकार गया पूर्व वार्ड सदस्य, गिरफ्तारी के डर से फरार बृज नंदन को पुलिस ने दबोचा

Bihar Crime: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल हर घर नल का जल योजना में सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है।..

21 लाख रुपए डकार गया पूर्व वार्ड सदस्य- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल हर घर नल का जल योजना में सरकारी राशि के कथित गबन का मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले में योजना के तहत करीब 21 लाख रुपये की अवैध निकासी करने और काम नहीं कराने के आरोप में पुलिस ने एक पूर्व वार्ड सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गायघाट प्रखंड की शिवदाहा पंचायत के वार्ड संख्या-2 के पूर्व वार्ड सदस्य बृज नंदन पासवान के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।

21 लाख की निकासी, योजना का काम नहीं कराने का आरोप

मामला गायघाट थाना क्षेत्र की शिवदाहा पंचायत से जुड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में पंचायत सचिव ने पूर्व वार्ड सदस्य बृज नंदन पासवान के खिलाफ गायघाट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि नल-जल योजना के नाम पर करीब 21 लाख रुपये की निकासी कर ली गई, लेकिन संबंधित योजना के तहत कोई काम नहीं कराया गया। सरकारी राशि के कथित गबन को लेकर शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

गिरफ्तारी के डर से चल रहा था फरार

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपी पूर्व वार्ड सदस्य गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच सोमवार को गायघाट थानाध्यक्ष जेपी गुप्ता को सूचना मिली कि सरकारी राशि के कथित गबन का आरोपी अपने घर पर मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल उसके घर पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि योजना की राशि की निकासी किन परिस्थितियों में हुई और कथित तौर पर निकाली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

एसडीपीओ ने गिरफ्तारी की पुष्टि की

मामले में एसडीपीओ ईस्ट-1 अलय वत्स ने बताया कि गायघाट पुलिस ने पूर्व वार्ड सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पंचायत सचिव की शिकायत पर सरकारी राशि के गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

नल-जल योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। ऐसे में योजना की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा