Bihar Crime: जेल में गैंगवार की सनसनी! गैंगस्टर दीपक सिंह और बाबुल चौधरी की भिड़ंत! पढ़िए जेल के अंदर वर्चस्व के जंग की कहानी

जेल में बंद दो कुख्यात अपराधियों गैंगस्टर दीपक सिंह और बाबुल चौधरी के बीच कथित भिड़ंत की खबर ने पुलिस महकमे से लेकर जेल प्रशासन तक हलचल पैदा कर दी है।

जेल में वर्चस्व की जंग- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर जेल से गैंगवार की एक सनसनीखेज कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जेल में बंद दो कुख्यात अपराधियों गैंगस्टर दीपक सिंह और बाबुल चौधरी के बीच कथित भिड़ंत की खबर ने पुलिस महकमे से लेकर जेल प्रशासन तक हलचल पैदा कर दी है। फेसबुक के अलग-अलग पेजों पर इस कथित मारपीट को लेकर पोस्ट साझा किए जा रहे हैं। इन पोस्ट पर लोगों की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी जा रही हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में जेल प्रशासन ने मारपीट की किसी भी घटना से साफ इनकार किया है।

डीएम-एसएसपी की छापेमारी से जोड़कर देखी जा रही घटना

शुक्रवार की अहले सुबह मुजफ्फरपुर के डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में जेल के भीतर सघन छापेमारी की गई थी। अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित भिड़ंत की कहानी को भी इसी कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि दोनों हिस्ट्रीशीटरों के बीच टकराव के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया और उन्हें टी-सेल में डाल दिया गया। इतना ही नहीं, दोनों के जेल स्थानांतरण की कवायद शुरू होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जेल अधीक्षक का इनकार, फर्जी पोस्ट की होगी जांच

जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जेल के भीतर मारपीट या किसी तरह की भिड़ंत की कोई घटना नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों को उन्होंने निराधार बताया है। साथ ही कहा है कि इस तरह के भ्रामक पोस्ट डालने वालों की पहचान और उनके दावों की जांच कराई जाएगी। प्रशासन के इस बयान के बाद वायरल खबरों की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

दोनों अपराधियों का रहा है आपराधिक इतिहास

बाबुल चौधरी को पुलिस ने गोविंद हत्याकांड में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं, दीपक सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे बंद है। उसे भुटकुन शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बाद उसे हाजीपुर जेल से मुजफ्फरपुर जेल स्थानांतरित किया गया था।

प्रोटेक्शन गैंग और वर्चस्व की जंग की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, जेल के भीतर भी अपराधियों के अलग-अलग गुट सक्रिय रहने की चर्चा होती है। कुछ बंदी अपनी सुरक्षा के लिए प्रभावशाली गुटों का सहारा लेते हैं। इसी व्यवस्था को लेकर प्रोटेक्शन गैंग और प्रोटेक्शन मनी की चर्चा भी सामने आती रही है। कथित तौर पर गुटों के बीच वर्चस्व कायम करने को लेकर टकराव की आशंका बनी रहती है। फिलहाल दीपक सिंह और बाबुल चौधरी के बीच भिड़ंत की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल जरूर है, लेकिन जेल प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा