Bihar Crime: बिहार में दरिया बना क़त्लगाह, मुजफ्फरपुर में माँ और तीन मासूमों की बेरहमी से हत्या, नदी किनारे फेंकी गईं चार लाशें, इलाके में दहशत

Bihar Crime: पुल के नीचे नदी किनारे एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

माँ और तीन मासूमों की बेरहमी से हत्या- फोटो : reporter

Muzaffarpur: जिला में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। अहियापुर थाना क्षेत्र के चन्दवारा पुल के नीचे नदी किनारे एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चारों शव एक साथ मिलने से यह मामला महज़ हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित क़त्ल की साज़िश माना जा रहा है।

मृतका की पहचान कृष्णमोहन की पत्नी ममता के रूप में हुई है, जबकि बच्चों में बेटी कृति और दो बेटे अंकुश व आदित्य शामिल हैं। मासूम बच्चों के शव देखकर हर आंख नम हो गई और हर दिल दहल उठा। नदी किनारे पड़े लहूलुहान शवों ने पूरे शहर में खौफ और ग़ुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची अहियापुर थाना की पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि पहले चारों की बेरहमी से हत्या की गई, फिर सबूत मिटाने की नीयत से लाशों को नदी किनारे फेंक दिया गया। मौके की हालत देखकर यह साफ है कि वारदात को अंजाम देने वाले बेहद बेरहम और शातिर दिमाग के लोग हैं।

मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप मृतका के पति कृष्णमोहन ने लगाया है। उनका कहना है कि 10 तारीख से उनकी पत्नी और बच्चे लापता थे। उन्होंने पहले ही अपहरण की आशंका जताई थी। अब लाश मिलने के बाद उन्होंने सीधे तौर पर किडनैप कर हत्या का इल्ज़ाम लगाया है। पति का आरोप है कि ममता को शादी की नीयत से अगवा किया गया और विरोध करने पर बच्चों समेत उसकी हत्या कर दी गई।

कृष्णमोहन का कहना है कि उन्होंने कई लोगों पर शक जताया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल यह उठता है कि अगर पहले ही शिकायत को गंभीरता से लिया जाता, तो क्या चार जिंदगियां बच सकती थीं?

घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है। चन्दवारा पुल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही इस क़त्ल-ए-आम का पर्दाफाश किया जाएगा।फिलहाल यह वारदात कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी है। माँ और तीन मासूमों का यूं कत्ल, सिर्फ एक परिवार की तबाही नहीं, बल्कि पूरे समाज के ज़मीर पर लगा खून का धब्बा है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक कातिलों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा