Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में रहस्यमयी मौत! दवा कारोबारी का घर में फंदे से लटका मिला शव, इलाके में दहशत

Bihar Crime: रहस्यमयी मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बंद दरवाजों के पीछे छिपी सच्चाई क्या है खुदकुशी या किसी साजिश की खामोश कहानी?...

मुजफ्फरपुर में रहस्यमयी मौत! - फोटो : reporter

Muzaffarpur जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से शनिवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। संजय सिनेमा के बगल वाली गली नंबर–5 में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दवा व्यवसाय से जुड़े 47 वर्षीय जितेन्द्र कुमार का शव उनके ही घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। सुबह-सुबह फैली इस खबर ने मोहल्ले को दहशत के साए में ला दिया और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मोहल्लेवासियों के मुताबिक, काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर शक गहराया, जिसके बाद अंदर झांकने पर मौत का यह मंजर सामने आया। किसी ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। खबर मिलते ही एसडीपीओ टू टाउन विनीता सिन्हा और ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष विजयलक्ष्मी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पूरे घर को घेर कर जांच शुरू की और घटनास्थल को सुरक्षित किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने कमरे से कई अहम साक्ष्य जुटाए। फंदा, कमरे की स्थिति और अन्य बारीक पहलुओं की जांच की गई, ताकि यह साफ हो सके कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और राज छिपा है। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया।

एसडीपीओ टू टाउन विनीता सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एक व्यक्ति का शव फंदे से लटका हुआ उनके घर के कमरे में मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी और बच्चे फिलहाल बाहर रहते हैं, जिन्हें घटना की जानकारी दे दी गई है। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, मातम पसर गया। वहीं मोहल्ले में भी सन्नाटा और डर का माहौल है। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं क्या यह आत्महत्या है या किसी साजिश का नतीजा?

फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तह तक जाने में जुटी है। मुजफ्फरपुर की इस रहस्यमयी मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बंद दरवाजों के पीछे छिपी सच्चाई क्या है खुदकुशी या किसी साजिश की खामोश कहानी?

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा