Bihar Crime: बिहार में पुलिस-तस्करों के बीच खूनी संघर्ष, माफियाओं की गोली से सिपाही की मौत, विभाग में मातम, क्या बिहार में कानून का राज तोड़ चुका है दम ?

Bihar Crime: खाकी पर क्रूर पहरा और बेलगाम अपराध, नालंदा से लेकर राजधानी तक, क्या बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह आईसीयू में है?...

पुलिस -शराब तस्करों के बीच खूनी संघर्ष में सिपाही शहीद- फोटो : X

Bihar Crime: बिहार में त्योहारों का मौसम चल रहा है। पुलिस सुरक्षा के बड़े बड़े दावे कर रही है और खाकी के जवान हीं तस्करों की गोली का निशाना बन रहे है।ताजा मामला पूर्व सीएम नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र से है।  नालंदा में शराब तस्करों का दुस्साहस देखने को मिला है। झारखंड से शराब की खेप लाए जाने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची उत्पाद विभाग और एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) की संयुक्त टीम पर गोलीबारी की गई। इस वारदात में सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक और आक्रोश का माहौल है।

शराब की खेप पकड़ने पहुंची थी टीम

मिली जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से पिकअप वाहन में शराब की बड़ी खेप लादकर नालंदा लाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने नवादा जिले के खराट मोड़ से संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू किया। इसके बाद पावापुरी-सिलाव इलाके में हाईवे पर फ्लाईओवर के पास वाहन को रोकने की कोशिश की गई।

इसी दौरान कथित तौर पर शराब तस्करों के लिए रास्ते की जानकारी जुटाने वाले एक लाइनर ने टीम पर फायरिंग कर दी। गोली सिपाही अजीत कुमार के सीने में लगी। वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। अचानक हुई गोलीबारी से घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। इस बीच आरोपी कथित तौर पर पिकअप वाहन लेकर फरार हो गए।

पीएमसीएच में तोड़ा दम

घायल सिपाही को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सिपाही की मौत की खबर मिलते ही पुलिसकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।

आरोपियों की तलाश में छापेमारी

घटना के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। उत्पाद थानाध्यक्ष ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। आसपास के इलाकों और संभावित रास्तों पर तलाशी अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।

इस घटना ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी, फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। अब पुलिस के सामने सिपाही अजीत कुमार की मौत के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने और फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने की चुनौती है।

हीरेश कुमार