घर में घुसकर सो रहे शख्स को अपराधियों ने गोलियों से भूना, नालंदा में चुनावी रंजिश और वर्चस्व की जंग में फिर गूंजी मौत की आवाज, इलाके में दहशत

Bihar Crime:अपराधियों ने एक बार फिर बेखौफ अंदाज में खूनी वारदात को अंजाम दिया है।..

चुनावी रंजिश और वर्चस्व की जंग में फिर गूंजी मौत की आवाज- फोटो : reporter

Nalanda: जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र के केसरी बिगहा गांव में अपराधियों ने एक बार फिर बेखौफ अंदाज में खूनी वारदात को अंजाम दिया है। रात के अंधेरे में घर में घुसे हथियारबंद बदमाशों ने सो रहे एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और पुलिस प्रशासन के सामने अपराधियों को पकड़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

मृतक की पहचान केसरी बिगहा गांव निवासी साजो गोप के 45 वर्षीय पुत्र छोटी यादव के रूप में हुई है। वारदात के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि हत्या के पीछे पुरानी चुनावी दुश्मनी और वर्चस्व की लड़ाई की आशंका जताई जा रही है। मृतक के भाई सुनील यादव ने आरोप लगाया कि गांव में वर्ष 2019 से ही चुनावी रंजिश को लेकर विवाद चला आ रहा था। इसी खुन्नस में अपराधियों ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया है।

परिजनों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस विवाद ने किसी की जान ली हो। इससे पहले भी परिवार के एक सदस्य रवि कुमार की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। लगातार हो रही हत्याओं ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। परिजन अब पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही छबिलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। राजगीर अनुमंडल के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि 12 जुलाई की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि केसरी बिगहा गांव में घर के अंदर सो रहे एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

डीएसपी ने बताया कि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ अपने सूचना तंत्र को भी सक्रिय कर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हत्या के बाद इलाके में यह चर्चा तेज है कि आखिर कब तक चुनावी रंजिश और दबंगई की लड़ाई में आम लोगों की जान जाती रहेगी। छोटी यादव हत्याकांड ने एक बार फिर नालंदा में अपराध और वर्चस्व की पुरानी कहानी को सामने ला दिया है। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक इस खूनी खेल के किरदार कानून के शिकंजे में आते हैं।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय