नवादा में तस्करी का नया पैंतरा, 10 लाख की लक्जरी गाड़ी से विदेशी शराब की बड़ी खेप जब्त, इंडिकेटर के भीतर गुप्त तहखाना देख खाकी भी रह गई दंग

Bihar Crime: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले शराब माफ़िया और सिंडिकेट के ख़िलाफ़ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है।...

नवादा में तस्करी का नया पैंतरा- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले शराब माफ़िया और सिंडिकेट के ख़िलाफ़ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। झारखंड से बिहार के भीतर ज़हर घोलने और मोटी कमाई करने के इरादे से चले एक शातिर तस्कर के मंसूबों को रजौली चेकपोस्ट पर तैनात जांबाज अफ़सरों ने पूरी तरह 'ध्वस्त कर दिया है। 10 लाख रुपये की कीमती महिंद्रा मराज़ो गाड़ी (नंबर JH12K/2560) का इस्तेमाल कर जिस शातिराना अंदाज़ में तस्करी की जा रही थी, उसने महकमे की भी आंखें खोल दी हैं।

अक्सर शराबबंदी की नाकामी पर विपक्ष के तीखे तीरों का सामना करने वाली हुकूमत के लिए यह कार्रवाई एक बड़ा जवाब है। तस्कर ने पुलिसिया आंख में धूल झोंकने के लिए गाड़ी के इंडिकेटर के पीछे एक बेहद 'मख़फ़ी' (गुप्त) तहखाना तैयार कर रखा था। 

लेकिन समेकित जाँच चौकी पर मुस्तैद अमले ने जब इस लक्ज़री गाड़ी की सघन तलाशी ली, तो उस गुप्त चैंबर से 'ऑफ़िसर चॉइस ओरिजिनल व्हिस्की' के 180 एमएल वाले कुल 676 टेट्रा पैक बरामद हुए। ज़ब्त की गई इस खेप की कुल मात्रा 121.680 लीटर आंकी गई है।

इस पूरे 'गोरखधंधे' के पीछे झारखंड के बोकारो के रहने वाले संजय कुमार साव का हाथ सामने आया है, जिसे रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया गया है। सलाखों के पीछे पहुंचे इस गुर्गे से अब यह उगलवाने की कोशिश की जा रही है कि बिहार में इस नशे के नेटवर्क के असली आका और 'पॉलिटिकल कनेक्शन' कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। उत्पाद विभाग का साफ़ कहना है कि सरहद पार से आने वाली हर गाड़ी पर पैनी नज़र है और कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी रसूख़दार को बख़्शा नहीं जाएगा।

रिपोर्ट- अमन कुमार