Patna Crime: पटना ने निकला खाकी के खौफ का जनाजा, सरेआम पूर्व पार्षद अनिल यादव की छलनी की गईं सांसें, हालत गंभीर

Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना अब अपराधियों की सुरक्षित शरणस्थली और खूनी खेल का अखाड़ा बन चुकी है। ...

खाकी के खौफ का जनाजा- फोटो : reporter

Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना अब अपराधियों की सुरक्षित शरणस्थली और खूनी खेल का अखाड़ा बन चुकी है। बुधवार को शहर के बीचों-बीच दिनदहाड़े पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव को गोलियों से भूनकर बेखौफ अपराधियों ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में कानून का खौफ सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।

सीसीटीवी फुटेज में कैदवानियत का खौफनाक मंजर

घटना का सामने आया सीसीटीवी फुटेज दिल को दहला देने वाला है। वीडियो साफ दिखाता है कि पूर्व पार्षद अनिल यादव अपने अपार्टमेंट के नीचे परिसर में कुर्सी पर सुकून से बैठे थे और आसपास अच्छी-खासी चहल-पहल थी। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन अपराधी वहां पहुंचते हैं। उनके साथ बैठा एक शख्स जैसे ही कुर्सी से उठता है, हमलावर तुरंत अपनी पिस्तौल निकालकर अनिल यादव पर गोलियों की ताबड़तोड़ बौछार कर देते हैं। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठता है और जमीन पर गिरते ही हमलावर हथियार लहराते हुए आराम से फरार हो जाते हैं। इस सनसनीखेज हमले में उन्हें 5 गोलियां लगीं।

पारिवारिक रंजिश और पुलिसिया सुस्ती के साए

 पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। अनिल यादव की पत्नी वर्तमान में वार्ड नंबर 24 से पार्षद हैं। इस खूनी वारदात के पीछे पुरानी दुश्मनी की आशंका जताई जा रही है, और सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि कुछ ही दिन पहले अनिल यादव के बेटे की भी इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई गहरा तार जुड़ा है? पुलिस इस हर पहलू पर बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

बिहार में एक के बाद एक हो रही इन खौफनाक वारदातों ने सुशासन के तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जब राजधानी पटना में ही जनप्रतिनिधि और उनके परिवार सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।दिनदहाड़े गोलियों की गूंज और बहता खून यह चीख-चीख कर कह रहा है कि सियासत के साए में पल रहे इन कातिलों के दिलों से खाकी का डर पूरी तरह मिट चुका है। यदि जल्द ही इन हत्यारों की गिरेबान तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे, तो जनता का इस व्यवस्था से बचा-खुचा भरोसा भी हमेशा के लिए टूट जाएगा।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार